बिहारराज्य

RJD के 6 प्रत्याशियों के एलान के बाद रोहिणी आचार्य का फूटा गुस्सा, बोलीं- अवसरवादियों को दी गई प्राथमिकता

बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी ने शिक्षक और स्नातक कोटे की सीटों के लिए छह प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है।

उम्‍मीदवारों के नाम का एलान होते ही लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने प्रत्याशियों के चयन पर सवाल उठाए हैं। उन्‍होंने अवसरवादी चेहरे को प्राथम‍िकता देने का आरोप लगाया है।

बता दें क‍ि  राजद ने पहली बार इन चुनावों के लिए एकमुश्त प्रत्याशियों की घोषणा कर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।

जदयू छोड़ राजद में आए डॉ. संजीव पटना से मैदान में

राजद ने शिक्षक कोटे की पटना सीट से परबत्ता के पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार सिंह को मैदान में उतारा है। विधानसभा चुनाव से पहले डॉ. संजीव कुमार सिंह जदयू छोड़कर राजद में शामिल हुए थे।

वहीं, पटना स्नातक सीट से दिलीप कुमार को प्रत्याशी बनाया गया है। इनके अलावा कोसी स्नातक से नितेश कुमार, दरभंगा स्नातक से अनिल कुमार झा, तिरहुत शिक्षक से डॉ. रश्मि विनायक गौतम और सारण शिक्षक सीट से प्रो. जयराम यादव को टिकट दिया गया है।

प्रत्याशियों के चयन पर रोहिणी आचार्य की नाराजगी

रोह‍िणी आचार्य ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वैचारिक निष्ठा और लंबे संघर्ष को दरकिनार कर चुनाव से ठीक पहले आए अवसरवादी चेहरों को प्राथमिकता देना समर्पित नेताओं और कार्यकर्ताओं का अनादर है।

रोहिणी ने दशकों तक पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा को संगठन के आंतरिक लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय बताया।

उन्‍होंने कहा क‍ि यह निर्णय न केवल निष्ठावान लालूवादियों के साथ वादाखिलाफी है, बल्कि लालू जी की विचारधारा, पार्टी के मूल सिद्धांतों और संगठन की मजबूती पर भी गहरा आघात है।

पटना सीट पर मुकाबला होगा खास

इन चुनावों में सबसे अधिक नजर पटना की सीटों पर रहेगी। पटना शिक्षक सीट से डॉ. संजीव कुमार सिंह और स्नातक सीट से दिलीप कुमार को राजद ने मैदान में उतारा है।

स्नातक सीट पर जदयू की ओर से पूर्व मंत्री नीरज कुमार के उतरने की चर्चा है। नीरज कुमार इस सीट से लगातार तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। ऐसे में राजद के लिए यह सीट बड़ी चुनौती होगी।

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