Dhumavati Jayanti 2025: रोग और बाधाओं से छुटकारा पाने के लिए कल धुमावती जयंती पर इसे जरूर करें

Dhumavati Jayanti 2025: देवी धूमावती की जयंती ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। साल 2025 में यह तिथि 3 जून को पड़ रही है. जानते हैं इस देवी धूमावती की कृपा पाने के लिए किन कार्यों को जरूर करें
Dhumavati Jayanti 2025: देवी धूमावती जयंती ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन बहुत खास है। देवी धूमावती को दस महाविद्या देवियों में सातवां स्थान प्राप्त है। इस दिन रोग, बाधाओं और संकटों से छुटकारा पाने के लिए देवी धूमावती की पूजा की जाती है।
ऐसी मान्यता है कि दक्ष प्रजापति ने भगवान शिव को अपमानित करने के बाद देवी सती ने यज्ञ में आत्मदाह कर लिया। देवी सती के उस योगाग्नि में लीन होने के बाद, यज्ञ के धुएं से देवी धूमावती का जन्म हुआ।
देवी धूमावती जयंती 2025 तिथि
यह अष्टमी तिथि सोमवार, 2 जून 2025 को रात 8 बजे 34 मिनट पर शुरू होगी।
वहीं, अष्टमी तिथि 03 जून 2025 को रात 9.56 मिनट पर समाप्त होगी।
उदया तिथि होने के कारण देवी धूमावती जयंती 3 जून, मंगलवार के दिन मनाई जाएगी।
देवी धूमावती मंत्र
धूमावती जयंती पर इन मंत्रों का जाप करने से शत्रुओं को हराया जा सकता है और मुसीबत से छुटकारा मिलता है। जानते हैं इस दिन किन मंत्रों का जाप करना शुभ होता है।
धूं धूमावती स्वाहा॥
धूं धूं धूमावती स्वाहा॥
धूं धूं धूं धूमावती स्वाहा॥
धूं धूं धुर धुर धूमावती क्रों फट् स्वाहा॥
ॐ धूं धूमावती देवदत्त धावति स्वाहा॥
ॐ धूमावत्यै विद्महे संहारिण्यै धीमहि तन्नो धूमा प्रचोदयात्॥
भगवान शिव के धुमेश्वर रुद्र की शक्ति है। मुश्किल से मुश्किल समय में देवी धूमावती की विधिवत पूजा करने से धन और सुख मिलता है। देवी धूमावती को भी भगवान विष्णु का वामन अवतार मानते हैं। देवी धूमावती को दस महाविद्याओं में दारुण विद्या के रूप में पूजा जाता है। धूमावती जयंती के दिन ये काम करने से मां की कृपा मिलती है।
देवी धूमावती जयंती के दिन देवी मां को लाल वस्त्र और लाल पुष्प अर्पित करें,
इस दिन देवी धूमावती की कथा सुनने से देवी की कृपा प्राप्त होती है



