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विंबलडन में खिलाड़ी जिस तौलिये से पोंछते हैं पसीना, वो गुजरात के इस शहर में बनता है!

ग्रास कोर्ट के सबसे प्रतिष्ठित टेनिस टूर्नामेंट विंबलडन में जब नोवाक जोकोविच या नाओमी ओसाका जैसे दिग्गज अपना पसीना पोंछते हैं, तो पूरी दुनिया की नजरें उन पर होती हैं. हालांकि, इन सितारों के साथ-साथ उनके हाथों में मौजूद तौलिया भी खूब ध्यान खींचता है. यह कोई आम तौलिया नहीं है, बल्कि विंबलडन की पहचान बन चुका एक आइकॉनिक प्रोडक्ट है. खिलाड़ी इन तौलियों को इतने पसंद करते हैं कि मैच खत्म होने के बाद वे इन्हें यादगार के तौर पर अपने साथ घर ले जाना पसंद करते हैं. सबसे दिलचस्प बात यह है कि दुनिया भर में मशहूर इन खास तौलियों का सीधा कनेक्शन भारत से है. विंबलडन के कोर्ट पर इस्तेमाल होने वाले ये प्रीमियम तौलिए गुजरात के वापी में तैयार किए जाते हैं.

ब्रिटेन से शुरू होकर गुजरात तक का सफर
विंबलडन के लिए आधिकारिक तौलिये बनाने का जिम्मा 1987 से ‘क्रिस्टी’ (Christy) के पास है. यह होम टेक्सटाइल का एक बेहद प्रीमियम ब्रांड है. शुरुआत में इन तौलियों का निर्माण ब्रिटेन में ही होता था. लेकिन करीब 15 साल पहले एक बड़ा बदलाव आया. भारत की एक दिग्गज टेक्सटाइल कंपनी ने इस विदेशी ब्रांड का अधिग्रहण कर लिया. इसके बाद धीरे-धीरे तौलियों का पूरा प्रोडक्शन ब्रिटेन से भारत शिफ्ट कर दिया गया. आज ये शानदार तौलिए पूरी तरह से गुजरात के वापी स्थित कारखाने में बुने जाते हैं, जो भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है.

डेढ़ साल पहले शुरू होती है तैयारी
इन खास तौलियों को बनाना कोई साधारण काम नहीं है. इसके पीछे एक बेहद सधी हुई डिजाइनिंग प्रक्रिया काम करती है. विंबलडन टूर्नामेंट शुरू होने से पूरे 18 महीने पहले ही इन तौलियों की प्लानिंग शुरू हो जाती है. डिजाइन टीम आने वाले समय के कलर ट्रेंड्स का बारीकी से अध्ययन करती है. हर एक तौलिये को पूरी तरह से तैयार होने में एक हफ्ते का समय लगता है. इस दौरान डिजाइनिंग से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक का काम एक साथ तालमेल बिठाकर किया जाता है ताकि क्वालिटी में कोई समझौता न हो.

रंगों के पीछे छिपा है खास नियम
विंबलडन के तौलियों के रंग यूं ही नहीं चुने जाते, बल्कि इसके पीछे एक तय नियम होता है. पुरुष खिलाड़ियों के लिए इस्तेमाल होने वाले तौलियों का रंग हमेशा विंबलडन की क्लासिक थीम पर आधारित होता है. यह हर साल गहरे हरे, जामुनी (पर्पल) तथा सुनहरे रंग का ही रखा जाता है. वहीं, महिला खिलाड़ियों के तौलियों की कलर थीम हर साल बदल दी जाती है. नए पैटर्न के तहत, साल 2026 के टूर्नामेंट में महिला खिलाड़ियों के लिए लाल तथा सफेद रंग के तौलिए डिजाइन किए गए हैं.

कितनी बार भी धो लें, नयापन नहीं होता खत्म
क्रिस्टी ब्रांड के ये तौलिए अपनी खास ‘शॉर्ट-लूप टेरी वीव’ तकनीक के लिए जाने जाते हैं. इस तकनीक के कारण ये बेहद मुलायम होते हैं, पसीना जल्दी सोखते हैं तथा तेजी से सूख भी जाते हैं. इन्हें बनाने में प्रीमियम क्वालिटी के सूती धागों का इस्तेमाल होता है, जिससे इनकी मजबूती बनी रहती है. आप इन्हें कितनी बार भी धो लें, इनका नयापन खत्म नहीं होता. यही वजह है कि इनकी मांग सिर्फ टेनिस कोर्ट तक सीमित नहीं है. लोग इन्हें समुद्री किनारों, स्विमिंग पूल या अपने बाथरूम के लिए भी उतना ही पसंद करते हैं.

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