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Nirjala Ekadashi Vrat: निर्जला एकादशी से 24 एकादशी व्रत के समान लाभ मिलता है और पापों से मुक्ति मिलती है

Nirjala Ekadashi Vrat: निर्जला एकादशी ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में होती है। निर्जला एकादशी सभी एकादशी से अधिक महत्वपूर्ण है। इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है।

Nirjala Ekadashi Vrat: निर्जला एकादशी ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में होती है। निर्जला एकादशी सभी एकादशी से अधिक महत्वपूर्ण है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा विधि-विधान से की जाती है। साल में 24 एकादशी होती हैं। निर्जला एकादशी के व्रत में पानी का सेवन भी नहीं किया जाता है। इस दिन जल का त्याग करना होता है। इस पावन दिन व्रत रखने से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है।

निर्जला एकादशी की डेट: इस बार निर्जला एकादशी व्रत को लेकर बहस हो रही है। शास्त्रों के अनुसार, गृहस्थ लोग 6 जून शुक्रवार को व्रत रखेंगे और 7 जून को पारण करेंगे। वैष्णवों, यानी साधु सन्यासी समाज, 7 जून को व्रत रखेंगे और 8 जून को व्रत का पारण करेंगे।

मिलता है सालभर( 24 एकादशी) व्रत करने का फल- निर्जला एकादशी का व्रत रखने से सालभर की एकादशी व्रत का फल मिल जाता है।

निर्जला एकादशी की पूजा

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।

घर के मंदिर में दीपक जलाएं।

गंगा जल से भगवान विष्णु का अभिषेक करें।

भगवान विष्णु को पुष्प और तुलसी दें।

इस दिन अगर संभव हो तो व्रत भी रखें।

भगवान की आरती करें।

भगवान को भोग लगाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजें खानी चाहिए। तुलसी को भगवान विष्णु के भोग में अवश्य शामिल करें। माना जाता है कि भगवान विष्णु तुलसी के बिना भोजन नहीं करते हैं।

इस पावन दिन भगवान विष्णु के साथ ही माता लक्ष्मी की पूजा भी करें।

इस दिन भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करें।

एकादशी पूजा सामग्री लिस्ट

श्री विष्णु जी का चित्र अथवा मूर्ति

पुष्प

नारियल

सुपारी

फल

लौंग

धूप

दीप

घी

पंचामृत

अक्षत

तुलसी दल

चंदन

मिष्ठान

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