
गुरुवार को जिला परिषद स्थित पूजा रिसोर्ट में जनसुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं की परिचर्चा हुई। परिचर्चा में स्नातक विधान पार्षद निर्वाचन के प्रत्याशी चयन को लेकर कार्यकर्ताओं की भावना को खुले मंच से सुना गया।
परिचर्चा को संबोधित करते हुए जनसुराज पार्टी के विधायक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने कहा कि हमारी पार्टी हर कार्य को पूरी जनतांत्रिक प्रक्रिया से पूरा करती है, इसलिए हम इस क्षेत्र में प्रत्याशी चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं की भावना से अवगत होने आए। इस आधार पर विचार-विमर्श कर पार्टी का प्रत्याशी तय होगा।
उन्होंने कहा कि बिहार को बदलना है, इसलिए हर काम को पूरी पारदर्शी व प्रजातांत्रिक तरीके से पूरा किया जाना है। पत्रकारों के सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हमें बेचारा कहा, क्योंकि बेचारा वa होता है, जिसे कोई चारा नहीं है। हमें बिहार को छोड़ने का कोई चारा नहीं है।

उन्होंने कहा कि हम सम्राट चौधरी जैसे अपराधी के हाथ में बिहार को छोड़ नहीं सकते हैं। इसके लिए प्रयास जारी रहेगा, इसलिए हम वास्तव में बेचारा हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ का स्थायी समाधान लूट की मंशा से नहीं किया जाता।
पीके ने कहा कि एनडीए के नेताओं से पूछा जाना चाहिए कि 20 साल से उनकी सरकार है, इसका समाधान क्यों नहीं हो रहा है और नरेंद्र मोदी इसके लिए प्रयास क्यों नहीं करते।
शराबबंदी के सवाल पर उन्होंने कहा कि शराब तो घर-घर पहुंच रही है। ऊपर से सूखे नशे ने पूरे बिहार को बर्बाद कर दिया है। आने वाले पांच वर्षों में यह और विकराल रूप लेने वाला है, इसलिए शराबबंदी पर विचार आवश्यक है।



