स्वास्थ्य

Diabetes In Pregnancy: प्रेगनेंसी में डायबिटीज को कैसे नियंत्रित करें, शुगर बढ़ने से मां और बच्चे को क्या खतरा होता है

Diabetes In Pregnancy: गर्भवस्था में शुगर नियंत्रण आवश्यक है। खराब लाइफस्टाइल और खानपान अक्सर ब्लड शुगर को बढ़ाते हैं। जो मां और बच्चे दोनों के लिए घातक हो सकता है। डॉक्टर से पूछें कि प्रेगनेंसी डायबिटीज को कैसे नियंत्रित करें?

Diabetes In Pregnancy: प्रेगनेंसी के दौरान मधुमेह का नियंत्रण बहुत महत्वपूर्ण है। प्रेग्नेंट महिला को हाई ब्लड शुगर के लक्षण दिखते ही डॉक्टर से मिलना चाहिए। साथ ही, गर्भवती महिलाओं को पता होना चाहिए कि कब, क्यों, किसको और कैसे डायबिटीज का खतरा होता है। इससे बचने के उपाय क्या हैं? सबसे पहले डॉक्टर से जानते हैं गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज से बचने के लिए क्या करें।

गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर मीरा पाठक का कहना है कि प्रेगनेंसी में ब्लड शुगर लेवल कम या अधिक होता है। डिलीवरी के बाद ये परिस्थितियां सामान्य हो जाती हैं। डायबिटीज गर्भावस्था के छह और सात महीने में होता है। डायबिटीज आम तौर पर दो प्रकार की होती है। प्रीजेस्टेशनल डायबिटीज (प्रेग्नेंट होने से पहले डायबिटीज होना) और जेस्टेशनल डायबिटीज जेस्टेशनल डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल अधिक होता है और इंसुलिन हार्मोन कम और इंबैलेंस होता है। ब्लड शुगर लेवल अगर ज्यादा नहीं है तो कुछ बातों का ध्यान में रखकर डायबिटीज से बचा जा सकता है।

प्रेगनेंसी में किसे डायबिटीज का खतरा अधिक है?

अधिक वजन उठाना

40 वर्ष से अधिक उम्र

फैमली हिस्ट्री (डायबिटीज)

बहुत अधिक ब्लड प्रेशर

ट्विन्स होना

पिछली गर्भावस्था में मधुमेह

ब्लड शुगर स्तर बढ़ना

प्रेगनेंसी में डायबिटीज के लक्षण

बार-बार प्यास

भूख ज्यादा लगना

पेट में पानी होना

इसकी टेस्टिंग कैसे करें

प्रेगनेंसी का पता लगते ही ब्लड शुगर चेक करवाना चाहिए

24 से 26 हफ्तों में ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट कराना चाहिए

प्रेगनेंसी में डायबिटीज होने से मां और बच्चे के खतरा

मां को हाई ब्लड प्रेशर होना

इंफेक्शन का खतरा बढ़ना

मिसकैरेज का खतरा बढ़ना

बच्चे का वजन कम या ज्यादा हो सकता

समय से पहले बच्चे का जन्म होना

सिजेरियन होने के चांसेस बढ़ जाना

बच्चे को जन्मजात से पीलिया और शुगर होना

बच्चा कुपोषित पैदा होना

प्रेगनेंसी में डायबिटीज होने पर क्या और क्या नहीं खाएं

चीनी, शहद, जैम, फ्रूट जूस, बिस्कुट, चॉकलेट,कोल्ड ड्रिंक, केक, आइसक्रीम न खाएं।

पनीर, फ्रेश फ्रूट, अंडे, ओट्स खाएं

समय-समय पर सही मात्रा में खाना खाएं

रोजाना 30 मिनट वॉक करें

फोलिक एसिड की गोलियां लें

डायबिटीज होने पर प्रेगनेंसी प्लान न करें

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