
AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और विधायक Saurabh Bharadwaj ने कहा कि बीजेपी सरकार ने सत्ता में आते ही इस जन-हितकारी योजना को बंद कर दिया।
Saurabh Bharadwaj ने कहा 2023 में जब मैं मंत्री था तब एलजी साहब के अफसर इस योजना का बजट रोकना चाहते थे। मैंने कोर्ट में अपील की थी। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अफसरों ने बजट जारी किया और योजना को चालू रखा गया।
बीजेपी सरकार ने अपने पहले बजट में दिल्ली की सड़कों पर दुर्घटनाओं में घायल लोगों की जान बचाने वाली ‘फरिश्ते योजना’ को रद्द कर दिया है। AAP ने इस पर बीजेपी को घेर लिया है। AAP नेता सौरभ भारद्वाज का कहना है कि बीजेपी ने फरिश्ते योजना को रोककर हजारों लोगों की जान ले ली है। उनका कहना था कि इस योजना को तोड़ने वालों को “राक्षस” कहा जाना चाहिए।
फरिश्ते की योजना क्या थी?
2017 में अरविंद केजरीवाल सरकार ने फरिश्ते योजना शुरू की। इसके परिणामस्वरूप, सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज का पूरा खर्च दिल्ली सरकार ने उठाया। योजना का लक्ष्य था लोगों को इलाज में देरी से मरने से बचाना। इस योजना ने लगभग 10,000 लोगों की जान बचाई।
बीजेपी सरकार ने कार्यक्रम को क्यों रोका?
AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बीजेपी सरकार ने सत्ता में आते ही इस जनहितकारी कार्यक्रम को समाप्त कर दिया। “2023 में जब मैं मंत्री था, तब एलजी साहब के अफसर इस योजना का बजट रोकना चाहते थे,” उन्होंने कहा। मैंने अपील की थी। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अधिकारियों ने बजट जारी किया और योजना शुरू की गई। बीजेपी ने सरकार बनते ही फरिश्ते की रणनीति को छोड़ दिया।”
AAP का बीजेपी पर हमला
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि फरिश्ते योजना ने हजारों लोगों की जान बचाई, लेकिन बीजेपी ने इसे रोककर अपनी संवेदनहीनता दिखाई है। “दिल्ली की जनता की ज़िंदगी बचाने वाली योजना को रोकने वाले राक्षस हैं,” उन्होंने कहा। बीजेपी ने पहले अपने LG के जरिए इस योजना को रोका, लेकिन सत्ता में आते ही इसे समाप्त कर दिया।”
फरिश्ते योजना पर विवाद
AAP के अनुसार, बीजेपी ने 2023 में ही एलजी और अधिकारियों की मदद से योजना का बजट रोकने की कोशिश की थी। अदालत के हस्तक्षेप के बावजूद, योजना जारी रही। बीजेपी की सरकार आते ही इसे बंद कर दिया गया है।
AAP नेताओं का कहना है कि फरिश्ते योजना खत्म होने से सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को जल्दी इलाज नहीं मिलेगा, जिससे उनकी जान बचाना मुश्किल होगा। दिल्ली सरकार का कहना है कि वह स्वास्थ्य क्षेत्र में जल्द ही नई योजनाएं लाने पर विचार कर रही है, लेकिन फरिश्ते योजना के स्थान पर कोई दूसरा कार्यक्रम नहीं पेश किया गया है।
फरिश्ते योजना से जुड़ी मुख्य बातें
2017 में केजरीवाल सरकार ने योजना की शुरुआत की।
अब तक 10,000 से अधिक लोगों की जान बचाई गई।
इलाज का पूरा खर्च दिल्ली सरकार उठाती थी।
बीजेपी सरकार ने बजट में इस योजना को खत्म कर दिया।



