
दिल्ली के मंदिरों नें सुरक्षा, शक्ति और नकारात्मकता पर विजय के वास्ते देवी दुर्गा से आशीर्वाद लेने के लिए ‘दुर्गा सप्तशती’ का पाठ किया जा रहा है
दिल्ली के मंदिरों नें सुरक्षा, शक्ति और नकारात्मकता पर विजय के वास्ते देवी दुर्गा से आशीर्वाद लेने के लिए ‘दुर्गा सप्तशती’ का पाठ किया जा रहा है और विशेष रूप से संकट के इस समय में भगवान हनुमान से शक्ति और भक्ति के आशीर्वाद के लिए ‘हनुमान चालीसा’ या ‘सुंदरकांड’ का जाप किया जा रहा है।
दिल्ली के मंदिरों में, भारत और पाकिस्तान के मध्य सैन्य संघर्ष के बीच, सशस्त्र बलों के जवानों की सुरक्षा और देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना और हवन किए जा रहे हैं। छतरपुर मंदिर के एक अधिकारी ने बताया कि मंदिर में हवन, पवित्र ग्रंथों का पाठ और आरती सहित कई प्रार्थना कार्यक्रम होते हैं। उनका कहना था कि सुरक्षा, शक्ति और बुराई पर विजय के लिए देवी दुर्गा से आशीर्वाद लेने के लिए “दुर्गा सप्तशती” का पाठ किया जा रहा है, और विशेष रूप से इस संकट के समय में भगवान हनुमान से भक्ति और शक्ति के आशीर्वाद के लिए “हनुमान चालीसा” या “सुंदरकांड” का जाप किया जा रहा है।
हफ्ते में एक बार सामूहिक “हवन”
अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय संतुलन, सामूहिक कल्याण और सुरक्षा के लिए भगवान विष्णु की प्रार्थना के साथ “विष्णु सहस्रनाम” का पाठ किया जा रहा है। उनका कहना था कि इन अनुष्ठानों के अलावा, भक्तों में एकता और शक्ति को बढ़ावा देने के लिए एक साझा आध्यात्मिक प्रयास के तहत हफ्ते में एक बार सामूहिक “हवन” भी होता है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए लग रही चेकिंग मशीनें
रोहिणी के जगदंबा मंदिर के पुजारी रामावतार सिंह ने कहा कि लोग भारत की सुरक्षा के लिए शाम की प्रार्थना करने के लिए तैयार हैं।सिंह ने कहा, ‘‘हम अपने घरों में आराम से बैठे हैं, लेकिन जो लोग सीमा पर हैं और हमारे लिए लड़ रहे हैं, हमें उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि शुक्रवार को संध्या ‘आरती’ के साथ प्रार्थना की जाएगी। हौज खास स्थित जगन्नाथ मंदिर के एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस अधिकारी श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर के बाहर चेकिंग मशीनें लगा रहे हैं।



