
दिल्ली अध्यक्ष देवेंद्र यादव के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और गिरफ्तार करने की मांग करते हुए शुक्रवार को अशोका रोड पर निर्वाचन सदन की ओर मार्च किया।
प्रदर्शनकारी डीडीयू मार्ग पर राजीव भवन स्थित दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डीपीसीसी) के कार्यालय में एकत्र हुए और चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर बढ़ते समय चुनाव आयोग और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की।
पुलिस ने मार्च को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए और यादव और कई अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया। पार्टी के अनुसार, रिहा होने से पहले उन्हें आईपी एस्टेट पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
यह विरोध प्रदर्शन एसआईआर कवायद को लेकर कांग्रेस के देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा था। पार्टी ने कुमार के कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों और मतदाता सूची में बदलाव की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की है।
उन्होंने कहा, ‘हम कांग्रेस की सेना हैं, राहुल गांधी के सिपाही हैं। हम किसी से डरते नहीं हैं और हम रुकने वाले नहीं हैं। अगर पुलिस हममें से किसी एक को गिरफ्तार करती है तो हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता उसके सामने खड़े हो जाएंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग एसआईआर कवायद के तहत अपारदर्शी तरीके से मतदाता सूची को हटा रहा है और उसमें नाम जोड़ रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में काम करने का भी आरोप लगाया, जो आरोप कांग्रेस ने हाल के हफ्तों में बार-बार लगाए हैं।
उन्होंने तीन सदस्यीय चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों का हवाला देते हुए दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित कई फैसलों पर आपत्ति जताई थी, जिसमें मतदाताओं को जोड़ना और हटाना और चुनाव आयोग की आईटी प्रणाली का केंद्रीकरण शामिल था।



