कांच ही बांस के बहंगिया… गूंजने लगा, घर बुला रहा परिवार, लेकिन ट्रेनों में कन्फर्म टिकट के सारे रास्ते बंद

‘कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए…’ छठ के पारंपरिक गीतों की गूंज के साथ गांव-घर में महापर्व की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कहीं घाट सजाए जा रहे हैं तो कहीं परदेश में रहने वाले अपनों के लौटने का इंतजार हो रहा है।

मां की निगाहें बेटे की राह देख रही हैं तो बच्चों को पिता के घर आने का इंतजार है। लेकिन इस बार कई परदेसियों के लिए अपनों के बीच छठ मनाने की राह आसान नहीं है।

दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता से दरभंगा आने वाली ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। नियमित ही नहीं, स्पेशल ट्रेनों में भी सीटें फुल हैं। ऐसे में सवाल है कि छठी मइया के इस महापर्व पर घर लौटने की आस लगाए बैठे परदेसी आखिर अपनों तक कैसे पहुंचेंगे?

लोक आस्था के महापर्व छठ और दीपावली में घर लौटने वाले परदेसियों की भीड़ दरभंगा जंक्शन पर जुटने लगी है । देश के विभिन्न महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु से आने वाली सभी नियमित और स्पेशल ट्रेनों में बर्थ फुल हो चुकी हैं।

मुंबई से दरभंगा, नई दिल्ली से दरभंगा और बेंगलुरु से दरभंगा के अलावा कोलकाता से दरभंगा – अमृतसर से दरभंगा आदि आने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों में दिसंबर माह तक सीटें फुल हैं। लंबी प्रतीक्षा सूची और ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह न होने के कारण यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जंक्शन के सभी प्लेटफार्मों पर सुबह से लेकर देर रात तक अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। ‘नो-रूम’ की स्थिति के कारण कई लोग मजबूरी में जनरल बोगियों में गेट के पास खड़े होकर या फर्श पर बैठकर सफर करने को मजबूर हैं।

खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रहे लोगों के लिए स्थिति बेहद कष्टदायक बनी हुई है। स्टेशन के प्रतीक्षालयों से लेकर टिकट काउंटरों तक लंबी कतारें लगी हुई हैं, जिससे व्यवस्था संभालना रेल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, मुस्तैद दिखे जवान

स्टेशन प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ और जीआरपी के जवानों को मुस्तैद कर दिया गया है। भीड़भाड़ वाले प्लेटफार्मों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और लगातार माइकिंग के जरिए यात्रियों को सतर्क रहने व कतारबद्ध होकर चलने की हिदायत दी जा रही है।

हालांकि, रेल यात्री संतोष कुमार, विवेक चौपाल, पवन महासेठ ने बताया कि घोषित स्पेशल ट्रेनों की संख्या इस विशाल जनसैलाब के आगे बेहद कम साबित हो रही है। लोगों की मांग है कि पर्व के दौरान दरभंगा रूट पर तत्काल अतिरिक्त पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं ताकि परदेसियों का घर पहुंचना आसान हो सके।

यात्रियों की सहूलियत के लिए चलाई जा रही हैं स्पेशल ट्रेनें

त्योहारों के मद्देनजर रेलवे द्वारा उत्तर बिहार से दिल्ली के लिए कई क्लोन और स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। दरभंगा व आसपास के रूट की प्रमुख ट्रेनें इस प्रकार हैं:

  • दरभंगा-नई दिल्ली क्लोन स्पेशल (02569/02570) : 30 नवंबर तक प्रतिदिन।
  • दरभंगा-शकुरबस्ती स्पेशल (04097/04098) : 30 नवंबर तक सप्ताह में छह दिन (दरभंगा से बुधवार और शकुरबस्ती से गुरुवार छोड़कर)।
  • दरभंगा-दिल्ली स्पेशल (04077/04078) : दिल्ली से 10 नवंबर तथा दरभंगा से 11 नवंबरको।
  • झंझारपुर-शकुरबस्ती स्पेशल (04409/04410 ): झंझारपुर से छह से आठ एवं 11 से 15 नवंबर तक तथा शकुरबस्ती से पांच से सात एवं 10 से 14 नवंबर तक।
  • लौकहा बाजार-आनंद विहार स्पेशल (04013/04014): 30 नवंबर 2026 तक प्रतिदिन।–
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