फडणवीस को मिल सकती है राष्ट्रीय भूमिका; महाराष्ट्र में भाजपा के वरिष्ठ नेता उनकी जगह ले सकते हैं: राउत

शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने शुक्रवार को दावा किया कि अगर आने वाले महीनों में मंत्रिमंडल में फेरबदल होता है तो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस केंद्र में जा सकते हैं और राज्य में भाजपा का एक मंत्री उनका पद संभाल सकता है।
राउत उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के ‘राम रक्षा आंदोलन’ से पहले नागपुर के अपने दौरे के दौरान संवाददाताओं से बात कर रहे थे।
अगले एक या दो महीनों में केंद्र और राज्य में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में इस स्थिति में सरकार में महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं।
राउत ने कहा, ”अगर केंद्र में फेरबदल होता है तो फडणवीस देश की सेवा के लिए वहां जा सकते हैं और भाजपा का एक वरिष्ठ मंत्री महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बन सकता है।
राउत ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) ने अयोध्या राम मंदिर में चंदे के कथित गबन के खिलाफ 18 जुलाई को नागपुर में राम रक्षा प्रदर्शन का आयोजन किया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) सहित सभी ‘हिंदुत्ववादी’ संगठनों को निमंत्रण दिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘हमने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से अनुरोध किया है कि अगर वह नहीं आ पाते हैं तो वह अपना प्रतिनिधि भेजें। इसी तरह, नेताओं और स्थानीय विधायकों के साथ-साथ भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों को निमंत्रण भेजा गया है।
राउत ने कहा कि नागपुर सहित 11 जिलों को कवर करने वाले विदर्भ क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से राम भक्त और शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ता राम रक्षा प्रदर्शन में भाग लेंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद सत्र शुरू होने से पहले परिसीमन पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग किए जाने के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा, ”वह (खड़गे) जो कह रहे हैं, हम उससे सहमत हैं।
सरकार 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक लाना चाहती है, जिसमें लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 850 करने और परिसीमन शुरू करने का प्रस्ताव है।
परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन का समर्थन करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा कि 20 वर्षीय एक महिला भी वहां उपवास पर बैठी है।
क्या उनकी बिगड़ती हालत की रिपोर्ट प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तक नहीं पहुंच रही है? सत्ता में बैठे सभी लोगों ने अपनी सहानुभूति खो दी है। क्या मोदी कैबिनेट में किसी में सोनम वांगचुक के लिए खड़े होने की हिम्मत है?



