कुंदरकी में अखिलेश यादव अपने पूर्व संसद को देंगे टिकट? कौन-कौन है दावेदार

2024 के लोकसभा चुनाव में मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन का टिकट कटना उत्तर प्रदेश की राजनीति में सबसे चर्चित किस्सों में से एक था. लखनऊ से चला हेलीकॉप्टर जब मुरादाबाद की जगह रामपुर में लैंड हुआ तो एसटी हसन का टिकट कट गया और रुचि वीरा को प्रत्याशी बना दिया गया. कहा गया कि इस फेरबदल के पीछे आजम खान का प्रभाव था. सपा ने मुरादाबाद सीट तो जीत ली, लेकिन एसटी हसन की नाराजगी चर्चा में बनी रही.
बीजेपी के दावेदार
कुंदरकी विधानसभा हमेशा से सुर्खियों में रही है. सपा सांसद जियाउर रहमान बरक के विधायक पद से इस्तीफे के बाद हुए उपचुनाव में बीजेपी के ठाकुर रामवीर सिंह ने 1,400 से अधिक वोटों से ऐतिहासित जीत दर्ज की थी. मुस्लिम बहुल सीट पर पहली बार कमल खिलाने वाले रामवीर सिंह इस बार फिर सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं.
क्या एसटी हसन को मिलेगा टिकट?
समाजवादी पार्टी के लिए कुंदरकी पारंपरिक रूप से मजबूत सीट रही है. लेकिन उपचुनाव में हार के बाद सपा अब फूंक-फूंक कर कदम रख रही है.
इंडिया गठबंधन और विपक्षी खेमे का हाल
कुंदरकी सीट पर इंडिया गठबंधन के तहत मुख्य मुकाबला सपा के इर्द-गिर्द ही घूमता दिख रहा है. इंडिया गठबंधन में यह सीट सपा के खाते में ही जाने की उम्मीद है. कांग्रेस की तरफ से फिलहाल कुंदरकी विधानसभा के लिए कोई मजबूत चेहरा सामने नहीं आया है.
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की तरफ से अभी तक कोई बड़ा और मुखर दावेदार खुलकर सामने नहीं आया है. वहीं आजाद समाज पार्टी (चंद्रशेखर आजाद) इस सीट पर किसे चुनावी मैदान में उतारती है, इस पर भी राजनीतिक विश्लेषकों की नजर बनी हुई है.
कुल मिलाकर कुंदरकी विधानसभा सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है. एक तरफ जहां बीजेपी अपने मौजूदा विधायक के जरिए विकास और सर्वसमाज के फॉर्मूले पर दांव लगाने की तैयारी में है तो वहीं सपा में टिकट को लेकर मची घमासान के बीच डॉ. एसटी हसन का नाम सबसे बड़ा ‘सरप्राइज’ साबित हो सकता है.



