स्वास्थ्य

बढ़ती गर्मी में हीट स्ट्रोक का खतरा, क्या होते हैं लक्षण, कैसे करें बचाव

पिछले कुछ दिनों से देश के कई हिस्सों में गर्मी तेजी से बढ़ रही है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है.

इसे सामान्य समस्या समझना गलत है.
समय रहते सावधानी और सही बचाव के उपाय अपनाना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं.
देश के कई राज्यों में गर्मी तेजी से बढ़ रही है, जिसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है. तेज धूप और लू के संपर्क में ज्यादा देर रहने से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है, जो एक गंभीर स्थिति बन सकती है. हीट स्ट्रोक ऐसी अवस्था है, जब शरीर का तापमान अचानक बहुत अधिक बढ़ जाता है और शरीर इसे कंट्रोल नहीं कर पाता. आमतौर पर यह समस्या तब होती है, जब व्यक्ति लंबे समय तक तेज धूप या गर्म वातावरण में रहता है. बढ़ते तापमान के साथ शरीर पर दबाव भी बढ़ता है, जिससे शरीर की सामान्य क्षमता प्रभावित हो सकती है.
हीट स्ट्रोक के क्या हैं लक्षण?

हीट स्ट्रोक के लक्षण अचानक और तेजी से सामने आ सकते हैं. इसमें शरीर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और त्वचा गर्म व सूखी महसूस हो सकती है. चक्कर आना, सिरदर्द, कमजोरी और भ्रम की स्थिति इसके आम संकेत हैं. कुछ लोगों को मतली या उल्टी भी हो सकती है और शरीर में बेचैनी महसूस होती है.

गंभीर मामलों में व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है. दिल की धड़कन तेज हो जाती है और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है. कई बार शरीर पसीना छोड़ना बंद कर देता है, जो स्थिति को और खतरनाक बना सकता है. समय पर ध्यान न देने पर यह जानलेवा भी हो सकता है, इसलिए इन लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है.

कैसे करें हीट स्ट्रोक से बचाव?

आरएमएल हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि बताते हैं कि हीट स्ट्रोक से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि तेज धूप में बाहर जाने से बचें, खासकर दोपहर के समय. बाहर निकलते समय हल्के और ढीले कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें. पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे और डिहाइड्रेशन से बचाव हो सके.

नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थ भी शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं. लंबे समय तक धूप में काम करने से बचें और बीच-बीच में आराम जरूर करें. अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो छाता या सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें. घर के अंदर ठंडा वातावरण बनाए रखें और शरीर को ज्यादा गर्म होने से बचाएं.

ये भी जरूरी

गर्मी के मौसम में अपनी दिनचर्या में थोड़े बदलाव करना भी जरूरी होता है. हल्का और पौष्टिक भोजन करें और तला-भुना खाने से बचें, ताकि शरीर पर अधिक दबाव न पड़े. बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें, क्योंकि वे जल्दी प्रभावित होते हैं.

बाहर से आने के बाद तुरंत ठंडा पानी पीने से बचें और शरीर को धीरे-धीरे ठंडा होने दें. ज्यादा कैफीन या मीठे पेय पदार्थों का सेवन कम करें. अगर किसी को ज्यादा परेशानी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि समय पर इलाज मिल सके और गंभीर स्थिति से बचा जा सके.

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