ज्ञानवापी बहस: निर्माण तहखाने में पूजा आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर निर्णय सुरक्षित।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट को वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यास जी के तहखाने में पूजा की अनुमति देने के जिला जज के आदेश की वैधता की चुनौती अपीलों की सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने जिला जज के दो आदेशों की चुनौती अपीलों की सुनवाई की।हिंदू पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन ने आज हुई सुनवाई में बहस की। उनकी दलीलें लगभग चालीस मिनट तक चली। मुस्लिम पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता सैयद फरमान अहमद नकवी ने इसके बाद बहस की। सुनवाई समाप्त होने पर अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया है।
उधर, वाराणसी के ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मुकदमे की मुख्य पक्षकार राखी सिंह द्वारा प्रभारी जिला जल की अदालत में दाखिल याचिका पर 28 फरवरी को अगली सुनवाई होगी. इस याचिका में ज्ञानवापी परिसर के सभी तहखानों की एएसआई सर्वे कराने की मांग की गई है।



