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Punjab Blackout: पंजाब के कई जिलों में टोटल ब्लैकआउट, सभी लाइटें बंद; सेना ने जालंधर-बठिंडा में पाकिस्तानी ड्रोन मार गिराया

Punjab Blackout: भारत-पाकिस्तान के तनाव के कारण पंजाब के अमृतसर सहित कई जिलों को ब्लैकआउट कर दिया गया है।

Punjab Blackout: भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध की आशंका है। पंजाब के कई शहरों पर पाकिस्तान ने हवाई हमला किया है। पाकिस्तानी हमलों को भारत ने पराजित कर दिया है। पाकिस्तानी ड्रोन को बठिंडा और जालंधर में भारतीय सेना ने मार गिराया है। इस बीच, पंजाब के अमृतसर जिले में पूरी तरह से ब्लैकआउट है। मार्किट, होटल और सभी जगहों पर पर्यटकों को ब्लैकआउट कर दिया गया है। सभी जगहों पर लाइट बंद कर दी गई है। वहीं, फ़िरोज़पुर शहर में भी ब्लैकआउट किया गया है। वहीं, नवांशहर और बठिंडा में भी ब्लैकआउट किया गया है।

लुधियाना में बिजली सप्लाई बहाल

मोहाली भी ब्लैकआउट है। जनता को प्रशासन ने घर रहने की सलाह दी है। पाकिस्तानी सेना भी फ़िरोज़पुर बॉर्डर पर घूम रही है। भारतीय सेना भी मुस्तैद है। लुधियाना में बिजली सप्लाई सुचारू रूप से शुरू हुई है।

DC जालंधर ने लोगों से ये अपील की

DC जालंधर ने कहा कि हमारे सशस्त्र बल बहुत कुछ कर रहे हैं और अधिकांश ड्रोन को निष्क्रिय कर दिया है। हम सभी को उनकी मदद करनी चाहिए, ब्लैक आउट के नियमों का पालन करने में मदद करनी चाहिए और आम लोगों को डराने वाली झूठी खबरों और वीडियो को रोकना चाहिए। आधिकारिक सूचनाओं के अनुसार, नागरिकों को लक्ष्य नहीं रखा जा रहा है। इसलिए चिंता न करें और शांत रहें।

पाकिस्तान के हमले को किया नाकाम

ताजा जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी ड्रोन को अमृतसर एयरपोर्ट के निकट गांव वडाला में मार गिराया गया है। पाकिस्तान के हवाई हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है। पाकिस्तान पर भारतीय सेना के हवाई हमले असफल रहे हैं। जालंधर और अमृतसर में पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए हैं। वहीं चंडीगढ़ में हवाई हमले की धुन बजाई जा रही है। तत्काल ब्लैकआउट किया गया है।

इन जिलों में ब्लैकआउट का आदेश दिया गया था

इससे पहले, भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच छह सीमावर्ती जिलों (अमृतसर, तरन तारन, गुरदासपुर, फिरोजपुर, फाजिल्का और पठानकोट) में रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक ब्लैकआउट का आदेश भी दिया गया था। इसके साथ ही शादियों, समारोहों और धार्मिक समारोहों में आतिशबाजी करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया था।

राज्य सरकारों के निर्देशों के अनुसार, कई जिलों में नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 1968 के तहत मॉक ड्रिल आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें कहा गया है कि शादियों और त्योहारों जैसे नियमित आयोजनों के दौरान आतिशबाजी से अक्सर लोगों में डर और भ्रम की स्थिति पैदा होती है, जिससे कानून और व्यवस्था बिगड़ सकती है।

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