
लुधियाना जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में 40 से अधिक इलाकों को डेंगू और मलेरिया दोनों बीमारियों के लिए “उच्च जोखिम” वाले क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया है। इस सीजन में स्वास्थ्य विभाग को डेंगू के 17 और मलेरिया के 47 पुष्ट मामले मिले हैं। वहीं, नगर निगम की स्वास्थ्य शाखा का कहना है कि ये उच्च जोखिम वाले क्षेत्र हो सकते हैं, लेकिन जिले में अब तक दोनों बीमारियों के लिए कोई “हॉट स्पॉट” नहीं हैं।
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी डॉ. विपल मल्होत्रा ने बताया कि संवेदनशील और अन्य क्षेत्रों में रोजाना फॉगिंग की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘अभी तक कोई हॉट स्पॉट नहीं हैं। हॉट स्पॉट तब होते हैं जब एक ही क्षेत्र से पांच मरीजों की सूचना मिलती है।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग की डॉ. शीतल नारंग ने बताया कि अब तक डेंगू के 17 और मलेरिया के 47 मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि टीमें क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं, जागरूकता पैदा कर रही हैं और मच्छरों के बढ़ने की जांच के लिए निरीक्षण कर रही हैं।
डेंगू के लिए उच्च जोखिम वाले क्षेत्र:
शहरी क्षेत्रों में शिमलापुरी, अर्बन एस्टेट चंडीगढ़ रोड, न्यू चंदर नगर, न्यू संत नगर हैबोवाल, न्यू बसंत विहार, काकोवाल रोड और राजगुरु नगर शामिल हैं।
डेंगू के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में गांव पंजिता, साहनेवाल खुर्द, ग्रीन एवेन्यू, रायकोट, गांव सेह, इपोलाहा, बाहोमाजरा, बसंत नगर खन्ना और मंसुरान शामिल हैं।
मलेरिया के लिए शहरी क्षेत्रों में उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में अर्बन एस्टेट दुगरी, दशमेश नगर, फील्डगंज, किदवई नगर, मॉडल टाउन, सीएमसी के पास का क्षेत्र, सुभाष नगर, ताजपुर रोड, शिवपुरी, चवन्नी मोहल्ला हैबोवाल, कोट मंगल, माधोपुरी, सब्जी मंडी, ट्रांसपोर्ट नगर और सुनेट शामिल हैं।
मलेरिया के लिए ग्रामीण उच्च जोखिम वाले क्षेत्र मंगली उची, ढाबा, कनेच, मुंडियान कलां, गियासपुरा, कोट गंगू राय, भगौर, नूरवाला, खासी कलां और सिहला बने हुए हैं।
यहां उल्लेखनीय है कि बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पूरे जिले में डेंगू रोधी अभियान तेज कर दिया है, जो डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए डेंगू-लार्वा निगरानी, लार्वा रोधी गतिविधियों और जन जागरूकता पर केंद्रित है।



