
Mahila Samriddhi Yojana Delhi: दिल्ली सरकार के एक सौ दिन पूरे हो चुके हैं। विपक्ष का प्रश्न है कि महिला सृद्धि कार्यक्रम कब शुरू होगा। इस बीच, सूत्रों ने इस योजना के बारे में बहुत कुछ बताया है।
Mahila Samriddhi Yojana Launch Date: रक्षाबंधन के अवसर पर अगस्त में दिल्ली सरकार की महिला समृद्धि योजना शुरू हो सकती है, जो गरीब महिलाओं को मासिक ढाई हजार रुपये देगी।
दिल्ली सरकार के वरिष्ठ सूत्रों ने बताया कि सीएम रेखा गुप्ता ने इस मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें योजना की जटिलताओं और लाभार्थी नियमों पर चर्चा हुई। आने वाले दिनों में इस विषय पर कुछ अतिरिक्त बैठकें हो सकती हैं।
रेखा गुप्ता सरकार ने पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी का सबसे बड़ा चुनावी वादा, राखी के मौके पर महिलाओं को तोहफे देने की योजना बनाई है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने रेखा गुप्ता सरकार को महिला समृद्धि योजना में देरी का मुद्दा लगातार उठाया है।
CM रेखा गुप्ता का महत्वपूर्ण बयान
दिल्ली की नई बीजेपी सरकार के सौ दिन पूरे होने पर सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि महिला समृद्धि योजना लागू करने में हो रही देरी को लेकर प्रक्रिया बनाई जा रही है ताकि किसी जरुरतमंद महिला को एक बार पंजीकृत होने के बाद लगातार लाभ मिलता रहे। सरकार की कोशिश है कि योजना की हकदार महिला इस योजना के दायरे में आए इसीलिए वक्त लग रहा है।
योजना की शर्तें
सूत्रों के अनुसार, इस योजना का लाभार्थी महिला दिल्ली की रहने वाली होनी चाहिए, जिसके परिवार की आय ढाई लाख रुपये से कम नहीं होती और उम्र 21 से 60 वर्ष हो सकती है। जिन महिलाओं को सरकारी धन या पेंशन से कोई दूसरा कार्यक्रम मिल रहा है, उन्हें इसका फायदा नहीं मिलेगा।
समाचार पत्रों के अनुसार, संयुक्त परिवारों में पति-पत्नी और बच्चों को एक परिवार का हिस्सा माना जाएगा। यानी संयुक्त परिवारों में एक से अधिक महिलाओं को भी हर महीने ढाई हजार रुपये मिलेंगे।
लाभार्थियों का लेखा जोखा तैयार करने के लिए राशन कार्ड जैसे दस्तावेजों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। नियमों पर मुहर लगने के बाद लाभार्थियों के रजिस्ट्रेशन की प्रकिया शुरू की जाएगी।
बीस-बाइस लाख महिलाओं को लाभ मिल सकता है
सूत्रों का अनुमान है कि इस योजना से बीस से बाइस लाख महिलाएं लाभान्वित हो सकती हैं। दिल्ली सरकार ने मार्च में इस योजना के लिए 5100 करोड़ रुपये दिए थे। सरकार के सामने एक तरफ़ अपने लुभावने वादे को जल्द पूरा करने की चुनौती है वहीं वित्तीय सेहत का ख्याल भी रखना है



