CM Yogi Adityanath ने यूपी के इस शहर में जल्द ही एक और विश्वविद्यालय की घोषणा की

CM Yogi Adityanath ने जल्द ही इस शहर में एक और विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की। कहा कि कोई शोध-स्टडी करानी हो तो आईआईटी-आईआईएम की तरफ देखना पड़ता है। उन्होंने सोशल इंपैक्ट स्टडी, जिओ मैपिंग, फ्लड एक्शन प्लान और पुरातात्विक कार्य से
CM Yogi Adityanath ने कहा कि गोरखपुर में जल्द ही वानिकी एवं उद्यान विश्वविद्यालय खोला जाएगा। गोरखपुर में यह पांचवां विश्वविद्यालय बन जाएगा। गोरखपुर में अभी चार विश्वविद्यालय हैं: महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और आयुष विश्वविद्यालय। इसके अतिरिक्त, गोरखपुर के निकट कुशीनगर में महात्मा बुद्ध कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य चल रहा है।
CM Yogi Adityanath अपराह्न दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) के हीरक जयंती समारोह (75वें स्थापना दिवस समारोह) को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना 1950 में हुई थी जब जिले में कनेक्टिविटी की कमी थी। आज तीनों प्रकार की कनेक्टिविटी बहुत अच्छी हो गई है: सड़क, रेल और हवाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि डीडीयू 75 वर्षों की यात्रा की उपलब्धियों को सहेजे और अगले 25 वर्षों की कार्ययोजना बनाए। हालाँकि, गोरखपुर में स्थित राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलिट) भी डिम्ड विश्वविद्यालय है।
आईआईटी-आईआईएम शोध पर निर्भर
CM Yogi Adityanath ने कहा कि आईआईटी-आईआईएम को कोई शोध-स्टडी करानी चाहिए। उनका कहना था कि सोशल इंपैक्ट स्टडी, जिओ मैपिंग, फ्लड एक्शन प्लान और पुरातात्विक काम नहीं करेंगे तो हम पिछड़ जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि अशोक और चंद्रगुप्त की परंपरा में नालंदा से तक्षशिला को जोड़ने के लिए बनाए गए उत्तरपथ पर कौड़ीराम के सोहगौरा के होने की जानकारी देते हुए कहा कि हमारी सभ्यता सबसे प्राचीन है लेकिन शोध के विशिष्ट कार्य नहीं किए गए।
ग्लोबल रैंकिंग के लिए कार्ययोजना बनाएं
CM Yogi Adityanath ने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय को अब शताब्दी वर्ष, या आगामी 25 वर्षों की कार्ययोजना बनानी चाहिए। हमारा विश्वविद्यालय एक अच्छी ग्लोबल रैंकिंग वाले विश्वविद्यालय के रूप में अपनी पहचान वैश्विक स्तर पर बनाने के लिए, इस कार्ययोजना में कुछ बातों का खास ध्यान रखना होगा।
अपराह्न डीडीयू के 75वें स्थापना दिवस समारोह में CM Yogi Adityanath बतौर मुख्य अतिथि भाषण देंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि मई 1950 को स्थापित विश्वविद्यालय की 75 वर्ष की यात्रा कल से शुरू होगी। आगामी छह महीने से एक साल के भीतर गोरखपुर विश्वविद्यालय को शताब्दी महोत्सव में अपना स्थान निर्धारित करना होगा। और, फिर बिना रुके, बिना डिगे प्रयास करना होगा।
CM Yogi Adityanath ने कहा कि विश्वविद्यालय ने अपनी अब तक की यात्रा में कई उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन अब उसे अच्छी और महत्वपूर्ण वैश्विक रैंकिंग हासिल करने के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से जुड़ना होगा। उनका कहना था कि सरकार विश्वविद्यालय की आगामी योजनाओं में हर संभव सहयोग करने को तैयार है। CM Yogi Adityanath ने कहा कि विश्वविद्यालय को आगामी 25 वर्षों की कार्ययोजना में विशिष्टता के क्षेत्र में काम करना चाहिए। इस दौरान आपको योग्य निर्णय लेना होगा और अवसरों को अपने अनुरूप जोड़ना होगा।
CM Yogi Adityanath ने डीडीयू के हीरक जयंती समारोह में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ प्रेक्षागृह का शिलान्यास किया। इसके अलावा, हीरक जयंती पर डाक टिकट और सिक्का जारी किया। कई पुस्तकें और पत्रिकाएं भी विमोचन कीं। CM Yogi Adityanath ने महंत दिग्विजयनाथ प्रेक्षागृह का शिलान्यास करने के बाद लेआउट और ड्राइंग मैप देखा। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को कहा कि निर्माण को 18 महीने में पूरा करना चाहिए।
हीरक जयंती द्वार का भी शिलान्यास और स्मृति सिक्के का लोकार्पण
CM Yogi Adityanath ने हीरक जयंती स्पोर्ट्स स्टेडियम के शिलापट्ट और डीडीयू के हीरक जयंती द्वार का भी शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की 75 वर्ष की प्रगति को बताने वाली एक विशिष्ट स्मारिका का विमोचन किया। उन्होंने इस मौके पर विश्वविद्यालय के मीडिया सेल की ओर से बनाई गई डॉक्युमेंट्री और थीम सॉन्ग, 35 ग्राम का एक विशेष स्मृति सिक्के और डाक विभाग के सहयोग से बनाई गई विशेष डाक टिकट और कवर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण की पुस्तिका संवाद और डॉ. अमित कुमार उपाध्याय, डॉ. कुशल नाथ तिवारी और यशवंत सिंह राठौर की पुस्तकों का विमोचन भी किया।



