भारत अब सिर्फ दुनिया के लिए मोबाइल फोन असेंबल करने वाला देश नहीं रहना चाहता, बल्कि उन्हें डिजाइन और विकसित करने वाला वैश्विक केंद्र बनने की तैयारी कर रहा है. इसी लक्ष्य के तहत केंद्र सरकार ने 62,500 करोड़ रुपये की नई मोबाइल फोन निर्माण योजना (एमपीएमएस) को मंजूरी दी है. यह योजना वित्त वर्ष 2027 से 2031 तक लागू रहेगी और इसका फोकस केवल मोबाइल असेंबली नहीं, बल्कि कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च, डिजाइन और घरेलू वैल्यू एडिशन बढ़ाने पर होगा. सरकार का लक्ष्य इस योजना से 39 लाख करोड़ रुपये का प्रोडक्शन, 15 लाख करोड़ रुपये का निर्यात और 60,000 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा करना है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह योजना भारत को चीन का मजबूत विकल्प बना पाएगी. चलिए समझते हैं.
नई 62,500 करोड़ की योजना में क्या बदलेगा?
सरकार की नई मोबाइल फोन निर्माण योजना (एमपीएमएस) का सबसे बड़ा अंतर यह है कि अब सिर्फ मोबाइल जोड़ने पर जोर नहीं रहेगा. सरकार चाहती है कि मोबाइल के महंगे पुर्जे जैसे पीसीबी, कैमरा मॉड्यूल, डिस्प्ले, सब-असेंबली और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट भी भारत में बनें. यही वजह है कि 62,500 करोड़ रुपये का बजट पांच साल के लिए तय किया गया है. योजना से कंपनियों को पात्र बिक्री पर 2.25 से 5 प्रतिशत तक इंसेंटिव मिलेगा. अगर कंपनियां भारत में बने कंपोनेंट इस्तेमाल करेंगी तो 1.5 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा. पहली बार रिसर्च, डिजाइन और आरएंडडी के लिए भी 3 प्रतिशत अलग इंसेंटिव रखा गया है. ताकि ज्यादा से ज्यादा कंपनियां भारत में ही प्रोडक्ट डिजाइन पर फोकस करें. इसका मकसद भारत को असेंबली सेंटर से टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर बनाना है.
‘डिजाइन इन इंडिया’ क्यों अहम?
पहली बार R&D पर अलग इंसेंटिव
भारत में बनेंगे नए डिजाइन
भारतीय इंजीनियर विकसित करेंगे नई तकनीक
विदेशी पेटेंट पर निर्भरता घटेगी
भारत बनेगा डिजाइन और इनोवेशन हब
पुरानी पीएलआई ने भारत को कहां से कहां पहुंचाया?
मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में भारत की सबसे बड़ी सफलता पुरानी प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई-एलएसईएम) योजना रही. इसी योजना की बदौलत भारत मोबाइल आयात करने वाले देश से दुनिया के दूसरे सबसे बड़े मोबाइल निर्माता देश के रूप में उभरा. सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2014-15 में देश में लगभग 18 हजार करोड़ रुपये के मोबाइल बनते थे, जो 2024-25 तक बढ़कर करीब 5.5 लाख करोड़ रुपये पहुंच गए. वहीं मोबाइल निर्यात 1 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया. वर्ष 2025 में स्मार्टफोन भारत का सबसे बड़ा सिंगल एक्सपोर्ट प्रोडक्ट बन गया और उसने डीजल तथा कटे हुए हीरों जैसे पारंपरिक निर्यात उत्पादों को भी पीछे छोड़ दिया. लोकसभा में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा दिए गए जवाब में भी इस बदलाव को भारत की सबसे बड़ी विनिर्माण उपलब्धियों में गिना गया है.
39 लाख करोड़ उत्पादन और 60 हजार नौकरियों का लक्ष्य कैसे पूरा होगा?
सरकार का अनुमान है कि यह योजना अपने पूरे कार्यकाल में करीब 39 लाख करोड़ रुपये का मोबाइल उत्पादन कराएगी. इसमें से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्यात करने का लक्ष्य रखा गया है. योजना से करीब 60 हजार प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है. जब फॉक्सकॉन, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, डिक्सन और दूसरी कंपनियां नई फैक्ट्रियां लगाएंगी तथा मौजूदा यूनिट्स का विस्तार करेंगी, तब इंजीनियर, तकनीशियन, असेंबली वर्कर और आरएंडडी विशेषज्ञों की मांग बढ़ेगी. इसके अलावा सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में भी बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार बनने की संभावना है.
जब 99.2% मोबाइल भारत में बन रहे हैं तो नई योजना की जरूरत क्यों?
पहली नजर में यह सवाल स्वाभाविक लगता है क्योंकि भारत में इस्तेमाल होने वाले करीब 99.2 प्रतिशत मोबाइल पहले ही देश में बन रहे हैं. लेकिन असली चुनौती प्रोडक्शन नहीं बल्कि वैल्यू एडिशन है. अभी एक 100 रुपये के मोबाइल में भारत का योगदान केवल 15 से 20 रुपये तक माना जाता है, जबकि बाकी महंगे पुर्जे विदेशों से आयात होते हैं. सरकार इस नई योजना के जरिए वैल्यू एडिशन को 35 से 40 प्रतिशत तक ले जाना चाहती है. यानी भविष्य में सिर्फ मोबाइल की फाइनल असेंबली ही नहीं बल्कि उसका ज्यादा हिस्सा भी भारत में तैयार होगा. इससे आयात पर निर्भरता घटेगी और देश में ज्यादा मुनाफा तथा तकनीक दोनों आएंगे.
एपल, सैमसंग और चीन पर क्या पड़ेगा असर?
नई योजना का सबसे बड़ा फायदा उन ग्लोबल कंपनियों को मिलेगा जो पहले से भारत में प्रोडक्शन कर रही हैं. एपल अपने सप्लायर फॉक्सकॉन, टाटा इलेक्ट्रोनिक्स और अन्य साझेदारों के जरिए भारत में तेजी से उत्पादन बढ़ा रहा है. सैमसंग भी भारत में बड़ा निर्माण आधार तैयार कर चुका है. अब लोकल सोर्सिंग पर अतिरिक्त इंसेंटिव मिलने से इन कंपनियों के ग्लोबल सप्लायर भी भारत में फैक्ट्रियां लगाने के लिए प्रेरित होंगे. इससे पूरा इलेक्ट्रोनिक्स इकोसिस्टम विकसित होगा. सरकार की रणनीति चीन प्लस वन मॉडल का फायदा उठाने की है ताकि दुनियाभर की कंपनियां चीन के साथ भारत को भी प्रमुख मैन्युफेक्चरिंग सेंटर बनाएं.
क्या भारत चीन को टक्कर देने की स्थिति में है?
भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है, लेकिन चीन अभी भी कुल उत्पादन, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट के मामले में काफी आगे है. भारत में अब सालाना 5.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के मोबाइल फोन बन रहे हैं और 2025 में स्मार्टफोन देश का सबसे बड़ा सिंगल एक्सपोर्ट प्रोडक्ट बन गया. वहीं नई एमपीएमएस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 39 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल उत्पादन और 15 लाख करोड़ रुपये के निर्यात का लक्ष्य रखा गया है. दूसरी ओर, चीन का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम अभी भी दुनिया का सबसे बड़ा है और वह हर साल सैकड़ों अरब डॉलर के स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात करता है. हालांकि, एपल समेत कई वैश्विक कंपनियों की ‘चाइना प्लस वन’ रणनीति के कारण भारत तेजी से अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहा है. जुलाई 2026 तक दुनिया के करीब 25 प्रतिशत आईफोन भारत में बनने लगे हैं और भारत से आईफोन निर्यात 2 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर को पार कर चुका है. यदि नई योजना के जरिए कंपोनेंट निर्माण, डिजाइन और रिसर्च भी भारत में मजबूत होते हैं, तो आने वाले वर्षों में भारत केवल असेंबली हब नहीं बल्कि चीन के विकल्प के रूप में उभर सकता है.
भारत बनाम चीन: मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग
पैरामीटर भारत चीन
वैश्विक रैंक दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता पहला सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता
आईफोन उत्पादन (2026) दुनिया के करीब 25% आईफोन करीब 75% आईफोन
2025 में आईफोन असेंबली 5.5 करोड़ यूनिट सबसे बड़ा उत्पादन केंद्र
मोबाइल निर्यात करीब 2 लाख करोड़ रुपये दुनिया में सबसे ज्यादा
वैल्यू एडिशन 15-20% 60-70%+ (अनुमानित इंडस्ट्री स्तर)
कंपोनेंट निर्माण तेजी से बढ़ रहा पूरी सप्लाई चेन मौजूद
चिप निर्माण शुरुआती चरण वैश्विक स्तर का इकोसिस्टम
सरकार का फोकस डिजाइन इन इंडिया, कंपोनेंट निर्माण, आरएंडडी हाई टेक मैन्युफैक्चरिंग में बढ़त बनाए रखना
दुनियाभर में जा रहे भारत में बने आईफोन
भारत अब एपल के लिए केवल एक मैन्युफैक्चरिंग बेस नहीं, बल्कि ग्लोबल प्रोडक्शन हब बनता जा रहा है. जुलाई 2026 तक भारत दुनिया के कुल आईफोन उत्पादन का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा तैयार कर रहा है. यानी वैश्विक बाजार में बिकने वाला हर चौथा आईफोन अब भारत में बन रहा है. वर्ष 2025 में देश में करीब 5.5 करोड़ (55 मिलियन) आईफोन असेंबल किए गए, जबकि भारत में बने आईफोन का निर्यात 2 लाख करोड़ रुपये (करीब 24 अरब डॉलर) के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया है. फॉक्सकॉन और टाटा इलेक्ट्रोनिक्स एपल के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर हैं. इतना ही नहीं, कंपनी अपने आईफोन 17 सीरीज, जिसमें प्रीमियम प्रो और प्रो मैक्स मॉडल भी शामिल हैं, का प्रोडक्शन भी भारत में कर रही है. सरकार ने 9 जुलाई 2026 से स्मार्टफोन कंपोनेंट्स पर 5 से 7.5 प्रतिशत आयात शुल्क भी खत्म कर दिया है, जिससे उत्पादन लागत घटने और भारत में निवेश बढ़ने की उम्मीद है. इससे नई 62,500 करोड़ रुपये की मोबाइल निर्माण योजना को भी बड़ी मजबूती मिल सकती है.
‘डिजाइन इन इंडिया’ क्यों है इस योजना की सबसे बड़ी खासियत?
अब तक भारत मुख्य रूप से विदेशी कंपनियों के डिजाइन किए हुए मोबाइल बनाता था. मोबाइल का डिजाइन, पेटेंट और बौद्धिक संपदा विदेशी कंपनियों के पास रहती थी. नई योजना में पहली बार डिजाइन और रिसर्च के लिए अलग से 3 प्रतिशत इंसेंटिव दिया गया है. इसका उद्देश्य भारतीय इंजीनियरों और कंपनियों को अपने मोबाइल, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन और नई तकनीक विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है. सरकार चाहती है कि भविष्य में भारत केवल निर्माण केंद्र नहीं बल्कि वैश्विक डिजाइन और इनोवेशन हब भी बने. यही बदलाव ‘मेड इन इंडिया’ से आगे बढ़कर ‘डिजाइन इन इंडिया’ की सोच को मजबूत करेगा.
Related Articles
-
विशाल पंजों के साथ टाइगर-डाइज्ड डायनासोर 120 मिलियन साल पहले ब्रिटेन में घूमता था
-
आणविक स्तर पर छोटे कुत्तों की तुलना में बड़े कुत्ते अधिक तेज़ी से बूढ़े होते हैं
-
नासा के पर्सिवरेंस रोवर ने मंगल ग्रह पर ऑफ-प्लैनेट ड्राइविंग का रिकॉर्ड तोड़ा
-
वार्मिंग को 1.8 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने से 1.89 अरब वर्षों के स्वस्थ जीवन के नुकसान को रोका जा सकता है: विश्लेषण
-
भारतीय वैज्ञानिकों ने सूर्य के चमकीले ध्रुवों का अध्ययन करने के लिए 3 दशकों के डेटा को डिकोड किया
-
ग्रामीण जल आपूर्ति को जलवायु संबंधी झटकों से बचाने के लिए संस्थागत क्षमता को बढ़ावा देना, शासन महत्वपूर्ण है: अध्ययन
-
52 वर्षों में निगरानी की गई वन्यजीवों की आबादी का औसत आकार 73% घट: रिपोर्ट
-
कगन और सोई को ‘एक सदी से भी अधिक पुराने रहस्य’ को सुलझाने के लिए रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार
-
हरियाणा में प्रवासी पक्षियों पर नज़र रखने के लिए एआई-सक्षम कैमरे जल्द ही स्थापित किए जाएंगे
-
महिंद्रा-एम्ब्रेयर ने सी-390 विमान असेंबली लाइन के लिए नागपुर की पहचान की
-
बाएं दिमाग बनाम दाएं दिमाग वाला: मिथक या वास्तविकता?
-
रिकॉर्ड हीटवेव के बाद स्विस ग्लेशियरों ने 5% से अधिक बर्फ खो दी
-
भारत, ताजिकिस्तान ने आलू अनुसंधान, बीज उत्पादन और प्रौद्योगिकी में सहयोग की संभावना जगाई
-
कोयले से चलने वाले विकास का संबंध भारतीय शहरों में वायु गुणवत्ता की बिगड़ती स्थिति से है: अध्ययन
-
कनाडा की कंपनी टाटा प्रोजेक्ट्स ने भारत में एयरो-इंजन परीक्षण बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
-
OpenAI का कहना है कि उसके मॉडल अप्रत्याशित तरीकों से अमेरिकी सरकार की वेबसाइटों के साथ बातचीत करते हैं
-
दुर्लभ आकाशगंगा कोर के अध्ययन से पृथ्वी तक पहुंचने वाले एक्स-रे उत्सर्जन के स्रोतों के बारे में नए सुराग सामने आए हैं
-
बोलीविया की नवीनतम जंगली बिल्ली प्रजातियों से मिलें, एक सदी से भी अधिक समय में पहली बार नामित
-
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को भूकंप से बचाने के लिए 28 सिस्मोमीटर
-
iPhone 18 उन्माद भारत में व्याप्त है, क्योंकि खरीदारों को घंटों तक कतार में लगा रखा गया है
-
भारत का पहला मृदा-कार्बन भुगतान पंजाब, हरियाणा के 2,550 किसानों तक पहुंचा
-
iPhone Duo: Apple का पहला फोल्डेबल आ गया है और इसकी कीमत 3 लाख रुपये है
-
भारत में कोबरा, किंग कोबरा के जहर से सुरक्षा प्रदान करता है नया एंटीवेनम
-
Meta भारत में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को बाल यौन शोषण के मामलों की रिपोर्ट करने के लिए सहमत है
-
चीन एआई के मानव नियंत्रण से बचने के जोखिम के लिए कैसे तैयारी कर रहा है
-
वैज्ञानिकों ने सरोगेसी के माध्यम से उत्तराखंड की देशी पशु नस्ल ‘बद्री’ को प्रजनन किया
-
करनाल, उत्तराखंड के वैज्ञानिकों का करबा- सरोगेसी से पैदा हुआ बछड़ा
-
वित्त मंत्री सीतारमण ने वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी के विस्तार के लिए एआई सुरक्षा उपायों, उद्योग मंचों का आह्वान किया
-
1980 के दशक का एआई फोटो ट्रेंड वायरल हो गया, लेकिन क्या अपनी तस्वीरें अपलोड करना सुरक्षित है?
-
1980 के दशक का एआई फोटो ट्रेंड वायरल हो गया, लेकिन क्या अपनी तस्वीरें अपलोड करना सुरक्षित है?
-
जासूसी, जैव हथियार, निगरानी: एंथ्रोपिक से पता चलता है कि कैसे देश, समूह क्लाउड का दुरुपयोग कर रहे हैं
-
सैमसंग ने Apple के iPhone 18 के खुलासे का मज़ाक उड़ाया: ‘हमारे बचे हुए को फिर से गर्म करना’
-
इसरो के उपग्रह ने प्रशांत महासागर में हुए बदलावों का पता लगाया
-
सुरक्षित 6G नेटवर्क विकसित करने के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाली पहल में शामिल हुआ भारत
-
दिल्ली: कॉलेज से परिचित की अश्लील एआई जनरेटेड तस्वीरें प्रसारित करने के आरोप में शख्स गिरफ्तार
-
अंबाला सेंट्रल जेल की ‘कॉल ब्लॉकिंग’ तकनीक को अन्य जेलों में भी अपनाया जाएगा
-
इसरो के कर्मचारियों ने अंतरिक्ष संचालन के निजीकरण के सरकार के कदम पर स्पष्टता की मांग की
-
इसरो के कर्मचारियों ने अंतरिक्ष संचालन के निजीकरण के सरकार के कदम पर स्पष्टता की मांग की
-
आईआईटी मद्रास-इनक्यूबेटेड बोधन एआई ने बहुभाषी शिक्षा के लिए 4 मॉडल लॉन्च किए
-
इसरो ने भारत के पहले जियोसिंक्रोनस इमेजिंग उपग्रह ईओएस-05 को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया
-
आईआईटी मद्रास-इनक्यूबेटेड बोधन एआई ने बहुभाषी शिक्षा के लिए 4 मॉडल लॉन्च किए
-
मेटा पर अमेरिकी मुकदमे का सामना करना पड़ रहा है, 29 राज्यों ने उस पर सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है
-
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने बच्चों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा
-
बिना कोडिंग स्किल वाली 13 साल की चीनी लड़की ने 3 दिन में कमाए 2.5 लाख की कमाई एआई स्टडी ऐप
-
एप्पल के नए सीईओ जॉन टर्नस ने 15 साल बाद टिम कुक का पदभार संभाला
-
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने बच्चों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा
-
ब्रह्मांड के रहस्यों की जांच के लिए नासा का रोमन स्पेस टेलीस्कोप तैयार, आइंस्टीन के सिद्धांत का परीक्षण
-
इंडोनेशिया के बोर्नियो में आग से बचाया गया ओरंगुटान, सांस की बीमारी से जूझ रहा है
-
AI की रफ्तार में अब चिप नहीं, जमीन और बिजली बनेगी सबसे बड़ी चुनौती, एनवीडिया CEO ने चेताया
-
Vivo T5 Pro 5G: फिर से महंगा हुआ ये फोन, लॉन्च से अब तक 30,000 रुपए तक बढ़ गई कीमत
-
Apple ला रहा है कैमरा वाले AirPods, वीडियो आया सामने, जानें खासियत
-
एलाइव मैट्रिक्स डिस्प्ले के साथ लॉन्च हुआ Tecno Pova 8 Pro 5G, ₹49,999 है कीमत
-
AI के कारण 500% तक बढ़े मेमोरी के दाम, जोहो फाउंडर बोले- कारोबार चलाना मुश्किल
-
Laptop चार्ज करते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना बैटरी की लाइफ हो सकती है कम
-
Flipkart पर बिकने लगे Huawei के ये धांसू टैबलेट, बड़ा डिस्प्ले और शानदार फीचर्स से लैस
-
अब रास्ता पूछने में नहीं होगी परेशानी! Google Maps हुआ और भी स्मार्ट, हिंदी सपोर्ट के साथ
-
PM मोदी का पोस्ट हटाना हमारी गलती, इसके लिए मांगी माफी: मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर
-
eSIM Vs Physical SIM: क्या अब ई-सिम पर शिफ्ट होने का सही समय है? जानिए फायदे और नुकसान
-
5 साल में 10,000 करोड़ का बड़ा दांव! स्विगी ने मुनाफे को लेकर बनाया महा-प्लान
-
अलग-अलग रिचार्ज का झंझट खत्म! Jio लाया 3 इन 1 प्लान, जानें कीमत और फायदे
-
सस्ते में 8000mAh बैटरी का दम! लॉन्च हुआ Poco का नया स्मार्टफोन, इतनी है कीमत
-
LG का बड़ा धमाका! भारत में लॉन्च की 115 इंच की AI Smart TV, जानें कीमत
-
Thalaivar 173 पर बड़ा अपडेट, सुंदर सी के बाद अब सिबी चक्रवर्ती ने छोड़ी रजनीकांत की फिल्म
-
EMI डिफॉल्ट पर क्या बैंक जबरन ले सकता है आपकी कार? जानिए आपके कानूनी अधिकार
-
Flipkart या Amazon, कहां मिल रहा सबसे सस्ता iPhone 17 Pro Max?
-
OnePlus ने ऐसे लगाई थी Apple-Samsung के गढ़ में ‘सेंध’, ग्राहकों का दिल जीतने की ये थी ‘स्ट्रैटेजी’
-
iQOO Z11 Lite होगा 20 हजार से कम कीमत में लॉन्च, मिलेंगे ये दमदार फीचर्स
-
स्मार्ट टीवी से स्मार्ट स्पीकर तक… आपके घर के 5 स्मार्ट गैजेट्स बन सकते हैं जासूस? जानिए बचने का तरीका
-
548 रुपए में VI देगा 84 दिन की वैलिडिटी, रिचार्ज से पहले चेक करें बेनिफिट्स
-
ANC सपोर्ट वाले सस्ते Earbuds लॉन्च, सिंगल चार्ज पर मिलेगी 75 घंटे तक की बैटरी लाइफ
-
UMANG पोर्टल की सुरक्षा में चूक, लीक हो सकता है Aadhaar डेटा? सरकार ने दिया ये जवाब
-
सबसे बड़ी टेंशन होगी खत्म! बिना iCloud स्टोरेज के WhatsApp Chats होंगी बैकअप?
-
10000mAh बैटरी के साथ आएगी Redmi Turbo 6 Series! प्रोसेसर डिटेल भी लीक
-
Micro LED और Mini LED TV में असली अंतर क्या है?
-
₹2500 सस्ता हुआ Vivo Y400 Pro, 32MP सेल्फी कैमरा और 90W फास्ट चार्जिंग के साथ दमदार स्मार्टफोन
-
Redmi K80 Ultra लॉन्च: 7410mAh बैटरी, 100W फास्ट चार्जिंग और दमदार 50MP कैमरे के साथ स्मार्टफोन
-
Vivo X200 FE 5G भारत में जल्द लॉन्च: 6500mAh बैटरी, 12GB रैम और DSLR जैसे कैमरा फीचर्स
-
OnePlus का तोहफा: अब 19,000+ पिनकोड पर मिलेगी फ्री डोरस्टेप रिपेयर सर्विस, जानें कैसे उठाएं फायदा
-
Realme P3x 5G पर सिर्फ 1 दिन का स्पेशल ऑफर, कीमत शुरू ₹11,699 से
-
वाह! Google Pixel 9 फोन; सबसे धांसू कैमरा और AI फीचर्स ₹12,000 में उपलब्ध
-
Samsung Galaxy Z Fold 7 और Z Flip 7 की कीमत और फीचर्स हुए लीक, 9 जुलाई को हो सकता है लॉन्च
-
Motorola G66j 5G Price: मोटोरोला ने 24GB रैम, 32MP सेल्फी कैमरा और वॉटर प्रोटेक्शन वाला एक और धांसू फोन पेश किया
-
TECNO Spark Go 2 सिर्फ ₹6,999 में आया है, जिसमें बड़ा 120 Hz डिस्प्ले, 5000mAh बैटरी और धांसू AI फीचर्स
-
आते ही छा जाएगा Nothing Phone 3: 100W चार्जिंग और 50MP के चार कैमरे के साथ धमाकेदार लॉन्च
-
Oppo K13x 5G भारत में लॉन्च: दमदार बैटरी, डैमेज-प्रूफ बॉडी और किफायती कीमत पर उपलब्ध
-
iPhone 16 Pro मॉडल्स की कीमतें घट गईं, आपको यहाँ से बंपर डिस्काउंट मिलेगा
-
Oppo A5 5G फोन लॉन्च, जिसमें 6000mAh की बैटरी, उत्कृष्ट कैमरा और जबर्दस्त प्रोसेसर हैं
-
मौका! Oppo K13x 5G लॉन्च से पहले ₹11,799 में खरीदें Oppo K12x 5G, न गिरने से टूटेगा, न पानी में होगा खराब
-
Redmi 14C 5G: 12GB रैम, Eye-Safe डिस्प्ले और 50MP कैमरा वाला Best 5G फोन Redmi ₹9498 में खरीदें
-
Poco F7 के 12GB रैम और 7550mAh की सबसे अच्छी बैटरी वाले फोन की कीमत इतनी होगी, देखें बजट में है या नहीं?
-
Infinix NOTE 50s 5G+: अगले हफ्ते 15 हजार रुपये से कम में सबसे छोटा कर्व्ड डिस्प्ले फोन की सेल शुरू होगी
-
ICC World Test Championship में बड़े बदलाव की तैयारी, अब टेस्ट मैच सिर्फ 4 दिन के हो सकते हैं!
-
Poco का नया 5G फोन, 7550mAh बैटरी, 24 जून को लॉन्च होगा, दूसरे गैजेट्स को भी चार्ज करेगा
-
Motorola Edge 60 Fusion: 32MP सेल्फी कैमरा और धांसू फीचर्स के साथ Motorola का नया फोन लॉन्च, मिल रहा ₹2000 का डिस्काउंट
-
Poco F7: भारत में सबसे बड़ी बैटरी वाली स्मार्टफोन की कीमत इतनी होगी, आपके बजट में शामिल होगा या नहीं? चेक करें
-
भारत में आ रहा OnePlus का नवीनतम सस्ता टैबलेट, 9340mAh बैटरी और 11-इंच डिस्प्ले के साथ
-
Realme GT 7 Dream Edition की सेल शुरू, 1 साल का एक्स्ट्रा स्क्रीन डैमेज प्रोटेक्शन मिल रहा है
-
Lava का धमाका!! ₹9999 में लॉन्च किया गया, 120 Hz डिस्प्ले, 50 MP कैमरा और सबसे शक्तिशाली चिपसेट के साथ
-
Vivo V50: धांसू सेल्फी कैमरा फोन तलाश रहे हैं? 50MP फ्रंट कैमरा वाले Vivo V50 में ₹4500 की छूट
-
Vivo X Fold 5 Date OUT: 25 जून को लॉन्च होगा वीवो का अगला फोल्डेबल स्मार्टफोन, डिजाइन और फीचर्स लीक