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पटना में 4 दिनों की बारिश से सड़कें बनी तालाब: गड्ढे में फंसी कारें, राहगीरों को घर से निकलने में परेशानी

बिहार की राजधानी पटना में लगातार चौथे दिन शनिवार को वर्षा ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। आंधी के साथ हुई मूसलधार वर्षा से शहर के कई मोहल्लों और प्रमुख सड़कों पर जलजमाव हो गया।

कई जगह घुटने भर तक पानी जमा होने से लोगों को पैदल चलने में भी परेशानी हुई। दोपहिया वाहन पानी में बंद होते रहे, जबकि कार और ऑटो चालकों को भी पानी के बीच से गुजरना पड़ा। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को घर से निकलने में काफी परेशानी हुई।

एयरपोर्ट, सचिवालय, महावीर मंदिर, आर ब्लाक स्थित वीर कुंवर सिंह पार्क, बकरी मार्केट, सद्भावना नगर, गांधी मैदान के आसपास, आइजीआइएमएस के पीछे, बिहार विद्यापीठ, मे-फ्लावर गली और गंगा किनारे के इलाकों में पानी जमा रहा।

कंकड़बाग, करबिगहिया, चिरैयाटाड़ पुल, राजेंद्र नगर टर्मिनल, खेतान मार्केट, नवाब बहादुर रोड, जल्ला रोड और एनएमसीएच रोड की स्थिति भी प्रभावित रही।

राजीव नगर, एजी कालोनी, बाबा चौक, महेश नगर, आशियाना नगर, इंद्रपुरी, पीसी कालोनी, बाजार समिति, बीएन कालेज, मखनियां कुआं, खजांची रोड, पोस्टल पार्क, मीठापुर, खेमनीचक, जगनपुरा और 70 फीट और बाइपास इलाके में भी जलजमाव से लोगों की परेशानी बढ़ गई।

आशियाना-दीघा मेन रोड के निचले हिस्सों में शाम चार बजे तक घुटने भर पानी जमा रहा। पानी के बीच से गुजरने के दौरान राहगीरों और वाहन चालकों को सड़क के गड्ढों का भी पता नहीं चल पा रहा था। जलजमाव वाले इलाकों से पानी निकालने के लिए पटना नगर निगम और बुडको की टीमें लगातार सक्रिय रहीं।

आंधी में पेड़ और टहनियां गिरीं, यातायात हुआ बाधित

तेज आंधी के दौरान शहर के कई हिस्सों में पेड़ और बड़ी टहनियां गिरने से सड़क पर आवागमन भी बाधित हुआ। सीएम सचिवालय, हार्डिंग रोड और शास्त्री नगर में पेड़ गिरने से रास्ता बंद हो गया।

बेल्ट्रसन भवन के पास पेड़ की बड़ी टहनी गिरने से भी यातायात प्रभावित हुआ। सूचना मिलने के बाद नगर निगम की टीमें जेसीबी और अन्य संसाधनों के साथ मौके पर पहुंचीं और रास्ते से पेड़ व टहनियां हटाकर आवागमन सुचारू कराया।

राजीव नगर नाला का पानी सड़क पर पहुंचा

राजीव नगर नाला का पानी सड़क पर पहुंचने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। राजीव नगर से दीघा-आशियाना रोड जाने वाले मार्ग पर पानी चढ़ गया। पानी अधिक होने से सड़क और नाले का अंतर समझना मुश्किल हो गया था।

लोगों को डर था कि पानी के बीच चलते समय कोई नाले में न चला जाए। राहगीर और दोपहिया वाहन चालक संभलकर रास्ता पार करते दिखे। लगातार वर्षा के कारण जलस्तर बढ़ने से आसपास के लोगों की चिंता भी बढ़ी रही। स्थानीय लोगों ने जल्द जलनिकासी कराने की मांग की।

राजीव नगर नाला किनारे गड्ढे में फंसी कार

राजीव नगर नाला किनारे सड़क निर्माण का काम मानसून के कारण बीच में रोक दिया गया है। सड़क के किनारे छह से आठ फीट तक गहरे गड्ढे हैं। वर्षा का पानी भरने से सड़क और गड्ढों में जमा पानी का स्तर लगभग एक जैसा दिखाई दे रहा है।

पर्याप्त बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत नहीं होने से हादसे का खतरा बना हुआ है। शनिवार को जय प्रकाश नगर में नाला किनारे बने गड्ढे में एक कार फंस गई। पानी के कारण चालक को गड्ढे का अंदाजा नहीं हो सका। काफी मशक्कत के बाद कार को बाहर निकाला जा सका।

जलनिकासी को निगम की टीमें सक्रिय

बुधवार से लगातार हो रही वर्षा के बीच नगर निगम का जलनिकासी अभियान जारी है। जलजमाव वाले और संभावित इलाकों में पंप लगातार चलाए जा रहे हैं। नालों, ग्रेटिंग और जलनिकासी मार्गों की सफाई के साथ पानी के रास्ते में जमा कचरा भी तुरंत हटाया जा रहा है। क्यूआरटी और फील्ड टीमें चौबीसों घंटे सक्रिय हैं।

नगर आयुक्त यशपाल मीणा अभियान की निगरानी कर रहे हैं। शनिवार को उन्होंने हार्डिंग रोड और एयरपोर्ट सहित कई स्थानों का निरीक्षण किया। एयरपोर्ट, सचिवालय, महावीर मंदिर और आर-ब्लाक स्थित वीर कुंवर सिंह पार्क में पंप चलाकर वर्षा के दौरान ही जलनिकासी की गई।

संवेदनशील स्थलों पर पंप, सुपर सकर, जेसीबी और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। टीमें वर्षा के दौरान जलनिकासी और आपात परिस्थितियों से निपटने में जुटी हैं।

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