
शहर के भगवान बाजार थाना क्षेत्र के नई बाजार में मंदिरों की सुरक्षा को चुनौती देते हुए चोरों ने जय नारायण जी के मंदिर को निशाना बनाया।
शुक्रवार की रात चोर मंदिर से करीब डेढ़ सौ साल पुरानी अष्टधातु की आठ छोटी मूर्तियां चुरा ले गए। चोरों ने घंटे, भोग लगाने की थाली और आरती की थाली तक नहीं छोड़ी।
शनिवार की सुबह पूजा करने पहुंचे पुजारी ने मंदिर से मूर्तियां और अन्य सामान गायब देखा तो हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही मंदिर के देखरेखकर्ता ने पुलिस को इसकी जानकारी दी।
अष्टधातु की मूर्तियों को पहचानकर बनाया निशाना
मंदिर की देखरेख करने वाले बृजमोहन प्रसाद ने बताया कि यहां कई वर्षों से नियमित रूप से पूजा-अर्चना होती आ रही है। पहले कभी चोरी की ऐसी घटना नहीं हुई थी।
चोरों ने बड़ी चालाकी से अष्टधातु की आठों मूर्तियों को निशाना बनाया। मंदिर में रखी मिट्टी की मूर्तियों और अन्य प्रतिमाओं को हाथ तक नहीं लगाया।
इससे आशंका जताई जा रही है कि चोरों को अष्टधातु की मूर्तियों की जानकारी पहले से थी। चोरी गई मूर्तियां करीब डेढ़ सौ साल पुरानी बताई जा रही हैं।
धनतेरस पर मंदिर में नहीं लगाया गया था ताला
बताया गया कि धनतेरस के अवसर पर मंदिर में ताला नहीं लगाया गया था। इसी का फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया।
सुबह चोरी की जानकारी मिलते ही श्रद्धालुओं में नाराजगी फैल गई। प्राचीन मूर्तियों की चोरी से लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत हुई हैं।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
सूचना पर प्रभारी थानाध्यक्ष सूरज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए।
आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस चोरों की पहचान करने और चोरी गई मूर्तियों की बरामदगी के प्रयास में जुटी है।



