*दलित और मेहनतकश का मजाक उड़ाने पर कांग्रेस के खिलाफ बैंड-बाजा लेकर “आप” का जोरदार प्रदर्शन*

*दलित और मेहनतकश का मजाक उड़ाने पर कांग्रेस के खिलाफ बैंड-बाजा लेकर “आप” का जोरदार प्रदर्शन*

*पंजाब की जनता के साथ “आप” नेताओं ने प्रताप सिंह बाजवा का घर घेरा*
*राजा वड़िंग और बाजवा जैसे लोग खुद को राजा समझते हैं, इन्हें हजम नहीं हो रहा कि दलित और गरीब परिवार के लोग मंत्री बन गए: ईटीओ*
*कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के पिता को बैंड मास्टर कहना कांग्रेस के अहंकारी मानसिकता को दर्शाता है- सुरिंदर कौर*
*आप नेताओं और पुलिस के बीच हुई झड़प, भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, कई नेता व कार्यकर्ता घायल*
*’आप’ ने राजनीति से परिवारवाद को खत्म कर आम घरों के युवाओं को पहचान दी: हरपाल सिंह चीमा*
*कांग्रेसियों की दलित विरोधी मानसिकता सबके सामने आ गई है: डॉ बलबीर*
*कांग्रेस की ‘दलित विरोधी’ और ‘परिवारवादी’ मानसिकता को पंजाब की जनता 2027 में सिखाएगी सबक:शैरी कलसी*
*कांग्रेस ने पंजाब के पूरे दलित और मेहनतकश वर्ग का अपमान किया है:विधायक इंदरजीत कौर*

आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों, MLA, चेयरमैन और वर्करों ने विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा और कांग्रेस प्रेसिडेंट राजा वड़िंग की मंत्री हरभजन सिंह ETO के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ बाजवा के घर के बाहर ‘बैंड-वाजा’ के साथ विरोध प्रदर्शन किया।

इस दौरान फाइनेंस मिनिस्टर हरपाल चीमा, हेल्थ मिनिस्टर डॉ. बलबीर, मोहिंदर भगत, डॉ. रवजोत, MLA शैरी कलसी, कुलजीत रंधावा, इंदरवीर सिंह निज्जर, नीना मित्तल, लाभ सिंह उगोके, चेतन सिंह जोजल माजरा, इंदरजीत कौर, चेयरमैन हरचंद सिंह बर्स्ट, सनी सिंह आहलूवालिया और सैकड़ों नेता और वर्कर मौजूद थे।

इसके अलावा, ‘AAP’ नेता जोबन रंधावा की लीडरशिप में कादियां (गुरदासपुर) में प्रताप बाजवा के घर के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया गया।

बाजवा पर निशाना साधते हुए कैबिनेट मिनिस्टर हरभजन सिंह ETO ने कहा कि मेहनत की कमाई का मजाक उड़ाना शर्मनाक है। अपने पिता के ईमानदारी से किए गए काम का मज़ाक उड़ाना और पूरी कौम को नीचा दिखाना, इससे ज़्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि मेरे पिता ‘बैंड मास्टर’ थे, उन्होंने हमें मेहनत से पढ़ाया। मैं सरकारी स्कूल में पढ़कर अपनी काबिलियत के दम पर यहां तक ​​पहुंचा हूं। बाजवा साहब कह रहे हैं कि ‘बैंड बजाने वाले के बेटे का बैंड बजाऊंगा’। हमने मेहनत की है, हमने कोई स्मगलिंग या सोने के बिस्किट की स्मगलिंग नहीं की है। यह बेइज्जती सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि हर उस गरीब तबके की है जो अपनी मेहनत की कमाई से अपने बच्चों को पढ़ाता-लिखाता है।

कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि बाजवा की नज़र में दलित समाज सिर्फ एक ‘मटीरियल’ है जिसे वोट के लिए खरीदा-बेचा जा सकता है। मंत्री ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में कहा कि ‘पता नहीं यह मटीरियल कहां से आया’। उनके लिए एक मोबाइल रिपेयर करने वाला या किसी गरीब आदमी का बच्चा MLA नहीं बन सकता। बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर ने संविधान में सबको बराबरी का हक दिया है, लेकिन कांग्रेस की सामंती सोच आज भी वैसी ही है। राजा वड़िंग और बाजवा जैसे लोग खुद को राजा समझते हैं और उन्हें यह बात हजम नहीं हो रही कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की कैबिनेट में 6 दलित मंत्री अपने आम घरों से शानदार काम कर रहे हैं।

राजा वड़िंग पर निशाना साधते हुए E.T.O. ने कहा कि एक तरफ ये लोग कानून-व्यवस्था की बात करते हैं और दूसरी तरफ एक रैली में 1200 लोगों के सामने खुलेआम कह रहे हैं कि ‘E.T.O. गर्दन मरोड़ दो, बस 3 मिनट लगते हैं’। क्या यह जंगल राज नहीं है? आप अपने कार्यकर्ताओं को एक चुने हुए प्रतिनिधि पर हमला करने के लिए उकसा रहे हैं ताकि कोई गरीब बच्चा दोबारा राजनीति में आने की हिम्मत न करे। हम इस गुंडागर्दी और चुनौती को स्वीकार करते हैं।

शिक्षा के लिए अपने संघर्ष को याद करते हुए मंत्री ने कहा कि अपने पिता की मौत के ठीक एक महीने बाद उन्होंने कड़ी मेहनत करके परीक्षा पास की ताकि उनके पिता का सपना पूरा हो सके। उन्होंने कहा, “मैं अभी भी पंजाब यूनिवर्सिटी से PhD कर रहा हूं। मेरे चुनाव क्षेत्र में 163 सरकारी स्कूल हैं और मेरी कोशिश है कि हर घर से एक ‘ETO’ निकलूं। हमने शिक्षा क्रांति इसलिए शुरू की ताकि गरीब और अमीर के बच्चों के बीच का अंतर खत्म हो सके। कांग्रेस को डर है कि अगर गरीब का बच्चा पढ़ेगा तो उनकी राजनीति खत्म हो जाएगी।”

मंत्री ETO ने चेतावनी दी कि हमने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन बाजवा साहब घर छोड़कर भाग गए। वह जहां भी भागेंगे, हमारे लोग उन्हें घेर लेंगे। उनकी रैलियों में लोग तड़प-तड़प कर मरते हैं और वे ये भाषण देना बंद नहीं करते। अगर प्रताप सिंह बाजवा तुरंत माफी नहीं मांगते हैं, तो हम उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे। 2027 में पंजाब के लोग इस घमंडी सोच को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।

*बाजवा ने हमारे पुश्तैनी काम पर भद्दी टिप्पणी की, कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता: सुरिंदर कौर*

मंत्री हरभजन सिंह ETO की पत्नी सुरिंदर कौर ने कहा कि बाजवा ने हमारे पुश्तैनी काम पर भद्दी टिप्पणी की है। उन्होंने इस काम को ‘बांसुरी बजाना’ कहकर खारिज कर दिया है, जबकि कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता। कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग ने भी बहुत भड़काऊ बयान दिया कि ‘ETO ‘तीन मिनट में मरो मोरों दियो’। उन्होंने कहा कि एक तरफ वे वड़िंग के सामने 1000-1500 लोगों को बैठाकर भड़काने की कोशिश करते हैं और दूसरी तरफ कहते हैं कि पंजाब में जंगल राज है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब है।

*’AAP’ ने राजनीति से भाई-भतीजावाद खत्म करके आम घरों के युवाओं को पहचान दी है: हरपाल सिंह चीमा*

कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विपक्षी पार्टियों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस, अकाली दल और BJP जैसी पार्टियों ने हमेशा ‘भाई-भतीजावाद’ को बढ़ावा दिया है। इन पार्टियों में कुछ चुनिंदा परिवार ही राज करते आए हैं, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस सोच को तोड़कर आम घरों के पढ़े-लिखे युवाओं को विधानसभा और कैबिनेट तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि ‘AAP’ के विरोध का मकसद उन ऊंची-ऊंची हवेलियों के अंदर बैठे दलितों से नफरत करने वाले लोगों की सोच को पूरी दुनिया के सामने लाना है।

चीमा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की दूर की सोच की वजह से देश की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है। दिल्ली के बाद पंजाब के लोगों ने भी इस क्रांति को अपनाया। 2017 में पहली बार आम बैकग्राउंड से डॉक्टर, वकील, प्रोफेसर और पूर्व आर्मी ऑफिसर जैसे लोग पंजाब विधानसभा पहुंचे। 2022 में पंजाब के लोगों ने साफ कर दिया कि वे अब वंशवाद की राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे।

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