PM मोदी का पोस्ट हटाना हमारी गलती, इसके लिए मांगी माफी: मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट को हटाने को लेकर मेटा की ओर माफी मांग ली गई है. मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान ने इसकी जानकारी दी. कपलन ने कहा कि उन्होंने अपनी टीम के साथ आज केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर इस पूरे मामले को लेकर माफी मांगी है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि कंपनी ऐसी गलतियों को सुधारने के लिए कदम उठा रही है.
इससे पहले मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान ने दिल्ली में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन से मुलाकात की. यह बैठक लगभग 45 मिनट तक चली, जिसमें मेटा के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो गलती से हटाए जाने के कारणों के बारे में बताया. इसके बाद मेटा अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात की और माफी मांगी.
जकरबर्ग को दिया था 3 दिन का समय
इस पूरे मामले को लेकर संसदीय स्थायी समिति ने मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग से तीन दिनों के भीतर बिना शर्त माफी मांगने को कहा था. MeitY सचिव को लिखे एक पत्र में, समिति ने कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण वाले वीडियो को हटाना गंभीर चिंता का विषय है और इसके लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए. जिसके बाद बुधवार को मार्क जकरबर्ग ने इस पूरे मामले पर खेद जताते हुए माफी मांग ली.
केंद्र सरकार की मेटा को दो टूक
केंद्र सरकार ने साफ कर दिया कि मनमाना व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जवाबदेही जरूरी है. सरकार ने जोर देकर कहा कि भारत में लाखों यूजर्स वाले प्लेटफॉर्म अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकते और कंटेंट मॉडरेशन के मनमाने तरीकों को स्वीकार नहीं किया जाएगा. इसके बाद, मेटा के अधिकारियों ने सरकार को बताया कि मार्क जकरबर्ग ने खुद प्लेटफॉर्म के कामकाज में हुई गंभीर चूक के लिए खेद जताया और माफी मांगी है. इन चूक में बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा मटीरियल, डीपफेक कंटेंट और पीएम मोदी के वीडियो जैसे मामले शामिल थे.
जानें क्या है पूरा मामला
दरअसल, पोस्ट किया गया वीडियो प्रधानमंत्री मोदी के उस संबोधन से जुड़ा था जिसमें उन्होंने छात्रों और जेनरेशन Z (Gen-Z) के साथ परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई पर चर्चा की थी. खबरों के मुताबिक, यह वीडियो फेसबुक पर लगभग पांच से छह घंटे तक उपलब्ध नहीं था. जिसके बाद लोकसभा सचिवालय की निदेशक ए. ज्योतिर्मयी के ने मेटा को पत्र लिखकर माफी मांगने को कहा था.
मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं. करियर की शुरुआत साल 2013 में ‘अमर उजाला’ गाजियाबाद से की थी. यहां इन्होंने करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया. फरवरी 2014 में नवोदय टाइम्स अखबार से जुड़ गए और गाजियाबाद में ही रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर की. करीब एक साल बाद 2015 में गाजियाबाद से दिल्ली ट्रांसफर हो गया. दिल्ली में अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए. अगस्त 2016 में दिल्ली से नोएडा ट्रांसफर हो गया. नोएडा में क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम किया. इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला. 2024 में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. इस दौरान ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया. जनवरी 2025 में न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. यहां जुनेद अख्तर ने बतौर सब एडिटर काम किया और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर काम किया. सितम्बर 2025 से TV9 भारतवर्ष की वेबसाइट में सीनियर सब एडिटर के तौर पर जुड़े.



