
योग दिवस 2025 के मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के नागरिकों के लिए 9 अहम घोषणाएं कीं।
हरियाणा समाचार: योग दिवस 2025 के मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के नागरिकों के लिए 9 अहम घोषणाएं कीं। इनमें सबसे प्रमुख है — सभी सरकारी कार्यालयों में प्रतिदिन 5 मिनट का ‘Y-Break’, ताकि कर्मचारियों को मानसिक तनाव से राहत मिल सके और वे अधिक उत्पादक बनें।
सीएम ने बताया कि कुरुक्षेत्र स्थित श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में एक ‘अंतर्राष्ट्रीय ध्यान केंद्र’ की स्थापना की जाएगी, जहाँ ध्यान व आत्मिक शांति को बढ़ावा देने के लिए एक विशाल हॉल बनाया जाएगा।
इसके साथ ही, राज्य की सभी विश्वविद्यालयों में योग विषय पर शोध को प्रोत्साहित करने के लिए ‘योग लेखक प्रोत्साहन’ योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत, योग पर उत्कृष्ट लेखन कार्य करने वालों को हर साल राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
तीसरी घोषणा में बताया गया कि हरियाणा में अब तक 883 योग एवं व्यायामशालाएं खोली जा चुकी हैं और 2025 के अंत तक कम से कम 100 नई योग केंद्र और जिम स्थापित किए जाएंगे।
चौथे ऐलान के अनुसार, प्राकृतिक चिकित्सा और योग विषयों को अब आयुष चिकित्सा प्रणाली के तहत मान्यता दी जाएगी। साथ ही, इन विषयों से जुड़े चिकित्सकों के लिए राजकीय पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
पाँचवीं घोषणा में कहा गया कि अब सरकारी स्कूलों में छात्रों की योग क्षमता का मूल्यांकन क्रेडिट आधारित परीक्षा प्रणाली के जरिए किया जाएगा।
छठा ऐलान यह था कि हरियाणा के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में योग को एक शैक्षणिक पाठ्यक्रम के रूप में लागू किया जाएगा। इसके लिए एक पाठ्यक्रम (uniform curriculum) जल्द तैयार किया जाएगा।
योग को राष्ट्रीय खेल के रूप में विकसित करने के लिए, अनुभवी योग कोचों की नियुक्ति की जाएगी। इसके अतिरिक्त, खेल विभाग में 40 योग शिक्षकों की भर्ती जल्द की जाएगी ताकि युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए प्रशिक्षित किया जा सके।
सातवीं घोषणा में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब से सभी सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों के लिए 5 मिनट का योग ब्रेक अनिवार्य होगा, जिसे ‘Y-Break’ कहा गया है। यह पहल “One Earth-One Health” के विजन को भी समर्थन देती है, जिसमें सभी जीवों की आपसी कनेक्टिविटी पर जोर दिया गया है।
आठवीं बात पर ध्यान देते हुए सीएम सैनी ने एंटीबायोटिक्स के अत्यधिक इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्षों से दवाओं के अनुचित प्रयोग के कारण बैक्टीरिया और वायरस पर दवाओं का असर घटता जा रहा है, जिससे बीमारियां लंबे समय तक बनी रहती हैं।
इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने एक राज्यस्तरीय ‘एंटी-माइक्रोबियल रेसिस्टेंस’ कार्यबल (AMR Task Force) गठित किया है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर राज्य में चिकित्सकों को सख्त दिशा-निर्देशों के तहत कार्य करने की व्यवस्था की जाएगी।
अंत में, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जनता से अपील की कि बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं न लें, ताकि इस वैश्विक संकट से समय रहते निपटा जा सके।



