UP Weather: 27 सिंतबर को यूपी के इन 10 जिलों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

उत्तर प्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में भी मानसून का रौद्र रूप शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 27 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश, आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई बेल्ट के जिलों में मौसम का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा जहां 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है. मौसम विभाग ने कई जिलों में जलभराव और आकस्मिक बाढ़ के खतरे को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है.

इन जिलों में रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने यूपी के बहराइच, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर जैसे जिले में रेड अलर्ट जारी किया है.

इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

27 सितंबर को पश्चिमी यूपी और आसपास के तराई अंचल में बादलों की तगड़ी नाकेबंदी रहेगी. 27 सितंबर को जिन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है उनमें मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और इनके आसपास के क्षेत्र शामिल हैं. वहीं पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के साथ मध्यम से तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है.

इसके साथ ही देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं एवं आसपास के क्षेत्र में 30 से 50 किमी/घंटे की स्पीड से धूलभरी या झोंकेदार हवाएं चलने की भी आशंका है.

इन जिलों में बाढ़ का खतरा

मौसम विभाग के अनुसार बहराइच, फर्रुखाबाद, गोंडा, हरदोई, कानपुर नगर, कानपुर देहात, लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, उन्नाव, सीतापुर, कन्नौज, बदायूं, बरेली, एटा, इटावा, फिरोजाबाद, कासगंज, मैनपुरी, पीलीभीत, शाहजहांपुर, रामपुर और मुरादाबाद के निचले इलाकों व नदियों के वाटरशेड क्षेत्र में आकस्मिक बाढ़ का हल्का से मध्यम खतरा बना हुआ है.

मौसम विभाग की सुरक्षा एडवाइजरी

1.आंधी-बारिश और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और पक्के मकानों में रहें.

2.जलमग्न रास्तों, अंडरपास और ओवरफ्लो होते पुल-पुलियों को पार करने से बचें.
3.धान, गन्ने और मक्के के खेतों से जल निकासी की व्यवस्था तुरंत करें.

4.केले और पपीते की खड़ी फसलों को बांस या लकड़ी का सहारा दें ताकि तेज हवाओं में पौधे उखड़ न सकें.

↑
Exit mobile version