Air pollution: ओजोन क्षरण और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए क्या रणनीतियां हैं?

Air pollution

रिपोर्ट ” वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2023-रिजन एंड सिटी पीएम2.5 रैंकिंग” में कम लागत वाले सेंसर (एलसीएस) से अधिकांश डेटा का उपयोग किया गया है जिनका उपयोग देशों द्वारा नियामक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाता है। इसके अतिरिक्त पैमाइश और उपयोग किए जाने वाले उपकरणों की विधि अलग-अलग देशों में अलग-अलग होती है। विभिन्न प्रकार के मॉनिटर और डेटा स्रोतों के डेटा में कुछ सीतमा तक त्रुटि/अनिश्चितता हो सकती है। इसलिए प्रदूषण स्तर के लिए देशों/शहरों की रैंकिंग उचित नहीं हो सकती है।

पर्यावरण वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्रालय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण संचालित करता है-जनसंख्या के आधार पर वर्गीकृत तीन समूहों के बीच राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के अंतर्गत कवर किए गए 131 शहरों की रैंकिंग। एनसीएपी के अंतर्गत‍ वायु गुणवत्ता सुधार के उपाय करने के लिए दिल्ली 10 लाख से अधिक आबादी वाले 47 शहरों के समूह में नौवें स्थान पर है।

पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने जनवरी 2019 में एनसीएपी लांच किया, जो वायु प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण और उपशमन के लिए एक दीर्घकालिक, समयबद्ध राष्ट्रीय स्तर की रणनीति है। एनसीएपी के अंतर्गत आधार वर्ष 2017 के संबंध में 24 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 131 शहरों में 2024 तक पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) सांद्रता में 20 से 30 प्रतिशत की कमी के लक्ष्य को प्राप्त करने की परिकल्पना की गई है। इसके बाद 40 प्रतिशत तक की कमी प्राप्त करने या 2025-26 द्वारा पीएम सांद्रता के संदर्भ में राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (एनएएक्यूएस) को प्राप्त करने के लिए लक्ष्य को संशोधित किया गया है। वायु गुणवत्ता में सुधार के उपाय करने के लिए शहरी कार्य योजनाओं के कार्यान्वयन में सहायता के लिए शहरों को धन प्रदान किया जाता है। सभी 131 शहरों/शहरी स्थानीय निकायों ने एनसीएपी के तहत शहरी कार्य योजनाएं तैयार की हैं।

एनसीएपी के अंतर्गत वित्त वर्ष 2019-20 से वित्त वर्ष 2025-26 तक की अवधि के दौरान 131 शहरों के लिए 19,614.44 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है, जिसमें से 49 मिलियन से अधिक आबादी वाले शहरों/शहरी समूहों को 15वें वित्त आयोग के वायु गुणवत्ता अनुदान के तहत वित्त पोषित किया गया है और शेष 82 शहरों को प्रदूषण नियंत्रण योजना के तहत पर्यावरण वन जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित किया गया है। अब तक 131 शहरों को उनके संबंधित शहरों में सिटी एक्शन प्लान को लागू करने के लिए 11,211.13 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।

131 में से 95 शहरों ने वित्त वर्ष 2017-18 के बेस लाइन के संबंध में वित्त वर्ष 2023-24 में वार्षिक पीएम10 सांद्रता के मामले में वायु गुणवत्ता में सुधार दिखाया है। वित्त वर्ष 2023-24 में 18 शहरों ने पीएम10 (60 माइक्रोग्राम/एम3) के लिए एनएएक्यूएस को पूरा किया है।

इसके अतिरिक्त वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम अनुलग्नक-I के रूप में संलग्न हैं।

अनुलग्नक – I

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम:

अन्य कदम

यह जानकारी आज राज्यसभा में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने एक लिखित उत्तर में दी।

source: https://pib.gov.in

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