
सोनीपत और पानीपत में जिला पुलिस ने कल रात कुछ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया और अन्य को नजरबंद कर दिया। इस कदम का उद्देश्य पेपर लीक के मुद्दे के विरोध में नेताओं को दिल्ली जाने से रोकना था।
पानीपत में पानीपत ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले पूर्व प्रदेश युवा अध्यक्ष सचिन कुंडू को देर रात करीब 1 बजे हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस उसे यहां अनाज मंडी के पास सीआईए-2 इकाई में ले गई और सुबह करीब 11 बजे उसे रिहा कर दिया। सचिन कुंडू का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें सीआईए टीम के कुछ जवान उन्हें ले जाते नजर आ रहे थे। सूत्रों के अनुसार, पुलिस रात में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के आवास पर भी पहुंची, लेकिन उनकी तबीयत खराब होने के कारण वे उन्हें दिल्ली न जाने की चेतावनी देकर लौट आए।
पुलिस ने युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) जगजीत जागलान को भी इसराना से हिरासत में लिया और आधी रात के आसपास उन्हें सीआईए इकाई ले गई।
पुलिस की टीमें कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) रमेश मलिक और जिला अध्यक्ष (शहरी) बलजीत सिंह को हिरासत में लेने गई थीं, लेकिन वे पहले ही दिल्ली के लिए रवाना हो चुके थे।
रमेश मलिक ने कहा कि सचिन कुंडू और जगजीत जागलान को पुलिस ने आधी रात को हिरासत में ले लिया था, लेकिन वह दीपक खटकर और विजेंद्र धनखड़ के साथ शाम को ही दिल्ली के लिए रवाना हो चुके थे। उन्होंने दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम का दौरा किया और सुबह घर लौट आए।
सोनीपत में पुलिस ने कांग्रेस के तीन नेताओं को आज तड़के तक नजरबंद रखा।
कांग्रेस प्रवक्ता मनोज रिधाऊ ने बताया कि सोनीपत ग्रामीण के जिला अध्यक्ष संजीव दहिया; जिला परिषद सदस्य संजय बदवासनिया; दीपेंद्र हुड्डा के करीबी सहयोगी हरेंद्र सैनी को बुधवार को नजरबंद कर दिया गया था।
मनोज ने बताया कि पुलिस पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार के घर भी गई लेकिन वह आज अदालत में मामले की सुनवाई के लिए अंबाला के लिए रवाना हो गए।



