गट हेल्थ से जुड़ी वो 7 गलतियां जो अमूमन लोग हैं करते, हार्वर्ड एक्सपर्ट की राय

गट हेल्थ को मजबूत बनाने के लिए लोग कई आदतों को अपनाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोजमर्रा की जिंदगी में लोग कुछ ऐसी आम गलतियां करते हैं तो गट हेल्थ को खराब कर सकती हैं.
इस आर्टिकल में उन्हीं 7 गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं.
ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि आखिर वो कौन-सी 5 आम गलतियां हैं, जिन्हें हम रोज करते हैं और जो हमारी गट हेल्थ को नुकसान पहुंचा रही हैं. चलिए इस आर्टिकल में हेल्थ एक्सपर्ट से जानते हैं उन्हीं गलतियों के बारे में. साथ ही इन्हें कैसे सुधारा जा सकता है. ताकि गट हेल्थ मजबूत रहे.
1. हर समस्या में प्रोबायोटिक लेना
प्रोबायोटिक्स को गट हेल्थ के लिए अच्छा माना जाता है. ऐसे में लोग अपनी डाइट में प्रोबायोटिक्स वाली चीजें शामिल करते हैं. जैसे दही इसका अच्छा ऑप्शन है. लेकिन ये हर परेशानी का हल नहीं हैं. ज्यादातर प्रोबायोटिक्स लंबे समय तक शरीर में टिकते नहीं हैं. खासतौर पर अगर बाजार वाले प्रोडक्ट्स ले रहे हैं तो.
2. सिर्फ प्यास लगने पर पानी पीना
पानी हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है. लेकिन आमतौर पर लोग सिर्फ प्यास लगने पर ही पानी पीते हैं, जो कि सही आदत नहीं है. प्यास लगना शरीर में पानी की कमी का देर से मिलने वाला संकेत है. हल्की डिहाइड्रेशन भी कब्ज जैसी समस्याओं को बढ़ा सकती है. इसलिे प्यास न लगने पर भी दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहना जरूरी है.
3. हर ‘हेल्दी’ चीज सभी के लिए सही नहीं होती
हर हेल्दी चीज हर किसी के लिए फायदेमंद साबित हो ये जरूरी नहीं होता है. कच्ची सब्जियां, प्याज और कुछ खास सब्जियां (जैसे पत्ता गोभी, ब्रोकली) में ऐसे कार्बोहाइड्रेट होते हैं जो हर किसी के पेट को सूट नहीं करते. खासकर IBS (इरिटेबल बाउल सिंड्रोम) वाले लोगों को ये दिक्कत दे सकते हैं, इसलिए अपनी बॉडी के अनुसार डाइट चुनना जरूरी
4. डाइट पर ध्यान, लेकिन स्ट्रेस को नजरअंदाज करना
डाइट पर ध्यान, लेकिन स्ट्रेस को नजरअंदाज करना गट हेल्थ को सही रखने के लिए सिर्फ हेल्दी डाइट ही नहीं बल्कि स्ट्रेस से दूर रहना भी जरूरी होता है. दरअसल, तनाव (स्ट्रेस) सीधे आपके पेट और माइक्रोबायोम को प्रभावित करता है. गट और दिमाग का गहरा कनेक्शन होता है, इसलिए मेंटल हेल्थ का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है.
5. बार-बार कुछ न कुछ खाते रहना
कई लोग मेटाबॉलिज्म तेज करने के लिए थोड़े-थोड़े समय में खाते रहते हैं, लेकिन इससे पेट को आराम नहीं मिल पाता. हमारे पाचन तंत्र को साफ करने वाला प्रोसेस (MMC) तभी एक्टिव होती है जब हम 3 से 4 घंटे का गैप रखते हैं. तो इस आदत को भी आपको बदल देना चाहिए.
6. बहुत तेजी से खाना
पाचन की शुरुआत मुंह से ही होती है, जहां लार खाने को तोड़ना शुरू कर देती है. जल्दी-जल्दी खाने से यह प्रक्रिया अधूरी रह जाती है और पेट में ज्यादा हवा चली जाती है, जिससे ब्लोटिंग और एसिडिटी की समस्या बढ़ती है.
7. सुबह टॉयलेट जाने की इच्छा को नजरअंदाज करना
सुबह के समय शरीर का गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स सबसे ज्यादा एक्टिव होता है, जो मल त्याग में मदद करता है. अगर आप इस समय की प्राकृतिक इच्छा को बार-बार नजरअंदाज करते हैं, तो यह आदत कब्ज जैसी समस्याओं को जन्म दे सकती है.
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