पंजाब पुलिस के बर्खास्त एआईजी राजजीत सिंह हुंडाल को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया

मोहाली की एक अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम के एक मामले में बर्खास्त एआईजी राजजीत सिंह हुंडल को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

पंजाब पुलिस के एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने गुरुवार शाम को हुंडाल को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के समक्ष पेश किया और 10 दिन की पुलिस हिरासत की मांग की थी। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पांच दिन की हिरासत में भेज दिया।

आय से अधिक संपत्ति और जबरन वसूली से जुड़े मामलों में दर्ज होने के बाद 2023 से फरार चल रहे हुंडल को गुरुवार सुबह पटियाला के दर्शन सिंह नगर में एक घर से गिरफ्तार किया गया।

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा गठित तीन विशेष जांच टीमों (एसआईटी) की रिपोर्ट में पुलिस अधिकारियों और ड्रग तस्करों के बीच कथित संबंधों के बारे में निष्कर्ष निकलने के बाद अप्रैल 2023 में हुंडल को पंजाब पुलिस से हटा दिया गया था।

एसआईटी की रिपोर्ट में हुंडाल की संलिप्तता का उल्लेख किया गया है, जो एसएसपी तरनतारन के रूप में काम कर चुके हैं, और इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है, जो उस समय सीआईए स्टाफ के प्रभारी थे।

आदेश में कहा गया था, ‘तरनतारन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और इंद्रजीत सिंह के सीआईए प्रभारी के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में 50 से अधिक नमूने विफल हो गए, जो दिखाता है कि उन्होंने अपने निहित स्वार्थों को पूरा करने के लिए सरकारी मशीनरी का अपहरण करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी.’

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