
Bihar Police: बिहार पुलिस का अनुशासन और ड्रेस कोड पर सवाल खड़ा करने वाला एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो पटना जिले के अथमलगोला थाना का बताया जा रहा है, जिसमें थाने में पदस्थापित एएसआई (ASI) अंजनी कुमार सिंह एक महिला फरियादी से आवेदन लेते और उसकी शिकायत सुनते दिखाई दे रहे हैं.
हैरानी की बात यह है कि इस दौरान ASI पुलिस वर्दी में नहीं, बल्कि नंगे बदन सिर्फ लुंगी पहने हुए नजर आ रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंची है और ASI अंजनी कुमार सिंह उससे आवेदन लेकर बातचीत कर रहे हैं. लेकिन ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी का निर्धारित वर्दी में नहीं होना अब विवाद का कारण बन गया है. वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने पुलिस अनुशासन और कार्यशैली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए.
मामले को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भी राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. राजद ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो साझा करते हुए लिखा. बिहार पुलिस नीतीश कुमार के समय भी कोई व्यवस्थित, तत्पर या ईमानदार पुलिस बल नहीं थी, पर सम्राट चौधरी के गृहमंत्री बनते ही बिहार पुलिस के कर्मी बिल्कुल आपे से बाहर हो चुके हैं. पूरी तरह से निरंकुश, भ्रष्ट, असभ्य, अभद्र और बेईमान हो चुकी है पुलिस बल. जब गृहमंत्री, मुख्यमंत्री ऐसा नमूना हो, तो नीचे के अधिकारी और कर्मी कैसे होंगे? राजद के इस बयान के बाद मामला राजनीतिक रंग भी पकड़ता नजर आ रहा है.
ग्रामीण एसपी ने लिया संज्ञान
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है. ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार ने कहा है कि वायरल वीडियो की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी. दरअसल, अथमलगोला थाना परिसर में ही पुलिसकर्मियों के रहने की व्यवस्था है. स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि पुलिसकर्मी कई बार लुंगी-गंजी में परिसर में घूमते नजर आते हैं. हालांकि, सवाल इस बात को लेकर उठ रहा है कि जब कोई फरियादी शिकायत लेकर थाने पहुंचे और पुलिसकर्मी आधिकारिक कार्य कर रहा हो, तब क्या उसे निर्धारित वर्दी में नहीं होना चाहिए?
पुलिस मुख्यालय से जारी होता है निर्देश
बिहार पुलिस मुख्यालय समय-समय पर पुलिसकर्मियों के अनुशासन, आचरण और ड्रेस कोड को लेकर दिशा-निर्देश जारी करता रहा है. कई मामलों में नियमों के उल्लंघन पर विभागीय कार्रवाई भी की गई है. पुलिस विभाग का स्पष्ट मानना है कि वर्दी केवल कपड़ा नहीं, बल्कि पुलिस सेवा की गरिमा, जिम्मेदारी और जनता के विश्वास का प्रतीक है.
ऐसे में महिला फरियादी के सामने लुंगी पहनकर आवेदन लेने का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठना स्वाभाविक माना जा रहा है. अब सबकी नजर जांच पर टिकी है कि आखिर इस मामले में विभाग क्या कार्रवाई करता है.



