
1990 में जगजीत सिंह और चित्रा सिंह के बेटे का निधन हो गया। वहीं 2009 में चित्रा सिंह की बेटी भी चली गईं।
फिल्ममेकर महेश भट्ट ने एक आश्चर्यजनक दावा किया है। दरअसल, जगजीत सिंह का बेटा 1990 में मर गया था। उनके 20 साल के बेटे का एक कार दुर्घटना में निधन हो गया। बेटे की मृत्यु की खबर सुनते ही जगजीत सिंह बेहोश हो गए। वह हिम्मत करके अपने बेटे की लाश लेने गए। महेश भट्ट ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को रिश्वत दी थी, इसलिए उनके बेटे का शव उन्हें दिया गया था।
अनुपम खेर ने महेश भट्ट से कहानी सुनी
हाल ही में अनुपम खेर ने महेश भट्ट से इस बारे में सुना। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, महेश भट्ट ने अनुपम खेर से कहा, ‘जब दुर्घटना में जगजीत सिंह के बेटे की मौत हो गई थी तब उन्होंने मुझे बताया था कि उन्हें अपने बेटे का शव लेने के लिए जूनियर ऑफिसर्स को रिश्वत देनी पड़ी थी. ‘ इस घटना के बाद उन्हें ‘सारांश’ का महत्व समझ आया। उन्हें पता चला कि एक साधारण आदमी को अपने प्यारे का शव लेने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ी है।’
19 वर्ष बाद बेटी की मौत
बेटे की मृत्यु की खबर सुनते ही जगजीत की पत्नी चित्रा सिंह को बहुत दुःख हुआ। वह बहुत प्रसिद्ध गायक थीं, लेकिन बेटे की मृत्यु के बाद उन्होंने गाना बंद कर दिया। चित्रा अपने बेटे के जाने के बाद अपनी बेटी मोनिका के साथ रहती थीं, लेकिन वह 2009 में मर गई। मोनिका जगजीत और चित्रा की बेटी नहीं है; वह चित्रा और उनके पूर्वपति देबो प्रसाद दत्ता की बेटी है।
सारांश का उल्लेख क्यों किया?
महेश भट्ट ने मंगलवार को फिल्म सारांश के चार दशक पूरे होने पर अनुपम खेर को यह बात बताई। महेश भट्ट की इस फिल्म में अनुपम खेर के अलावा रोहणी हटंगड़ी ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म में एक महाराष्ट्रियन कपल अपने इकलौते बेटे को खो देता है।



