
अमन अरोड़ा: पंजाब सरकार ने राज्यभर में ई-गवर्नेंस को और अधिक मजबूत बनाने तथा नागरिकों को बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए अपने सेवा केंद्रों के नेटवर्क का विस्तार किया है। सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि इस विस्तार के तहत 16 नए सेवा केंद्र बनाए जाएंगे और पहले बंद पड़े 28 केंद्रों को पुनः चालू किया जाएगा। इसके अलावा, छह सेवा केंद्रों के काउंटरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, जिससे सेवा वितरण और अधिक प्रभावी और सुगम होगा।
श्री अमन अरोड़ा ने पंजाब भवन में पंजाब राज्य ई-गवर्नेंस सोसाइटी (पीएसईजीएस) की 22वीं बोर्ड ऑफ गवर्नर्स बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि 16 नए सेवा केंद्रों के निर्माण पर लगभग 4.10 करोड़ रुपये और बंद पड़े सेवा केंद्रों को पुनः खोलने पर 1.54 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने इस पहल का उद्देश्य ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देना और 500 से अधिक सरकारी सेवाओं को नागरिकों तक सुविधाजनक एवं पारदर्शी तरीके से पहुँचाना बताया।
मंत्री अमन अरोड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिए
मंत्री अमन अरोड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेवा केंद्रों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाया जाए, जिसमें प्रतीक्षालय, बैठने की व्यवस्था, वातानुकूलन और अन्य आवश्यक सुविधाओं को शामिल किया जाए, ताकि नागरिकों का अनुभव बेहतर हो सके। उन्होंने सेवा केंद्रों की भौगोलिक स्थिति, आवागमन और आवासीय क्षेत्रों से दूरी का विश्लेषण कर कम सेवा वाले क्षेत्रों में केंद्रों की संख्या बढ़ाने के लिए रणनीतियाँ विकसित करने को भी कहा।
बैठक में राजस्व और परिवहन विभाग की सेवाओं के एकीकरण की समीक्षा भी की गई। अब सेवा केंद्रों के माध्यम से परिवहन विभाग की 30 सेवाएं और राजस्व विभाग की 7 सेवाएं उपलब्ध हैं। मंत्री ने अधिकारियों को प्रक्रियाओं को अधिक सुव्यवस्थित करने और सेवा वितरण को और कुशल बनाने के निर्देश भी दिए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी श्री डी.के. तिवारी, सचिव राजस्व एवं पुनर्वास श्री मनवेश सिंह सिद्धू, सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार श्री दिलराज सिंह संधावालिया, सचिव व्यय श्री वी.एन. जादे, निदेशक सुशासन एवं आई.टी. श्री अमित तलवार, विशेष सचिव स्थानीय निकाय श्री परमिंदरपाल सिंह, विशेष सचिव स्कूल शिक्षा श्री राजेश धीमान, एम.डी. पंजाब इन्फोटेक श्री राहुल चब्बा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
इस सेवा केंद्र विस्तार के माध्यम से पंजाब सरकार ने नागरिकों को तेज, पारदर्शी और प्रभावी सेवा देने का लक्ष्य रखा है, जिससे सुशासन को बढ़ावा मिलेगा और जनता की सेवा में गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।



