Kiran Chaudhary ने विधानसभा छोड़ दी और अब राज्यसभा जाएंगी

Kiran Chaudhary

हरियाणा की पूर्व मंत्री Kiran Chaudhary राज्यसभा जाएंगी। उन्होंने मंगलवार को विधानसभा से इस्तीफा दे दिया, जिसे हाथों-हाथ स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने मंजूर किया। वह अब बुधवार को राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल करेंगी।

किरण के मुकाबले प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से किसी उम्मीदवार के आने की संभावना नहीं है। ऐसे में किरण का निर्विरोध राज्यसभा जाना तय माना जा रहा है।

राजस्थान से प्रत्याशी रवनीत बिट्टू

किरण और उनकी बेटी श्रुति चौधरी ने पिछले जून में लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस छोड़कर भाजपा में प्रवेश किया था। किरण ने इसके बाद भी तोशाम विधानसभा से इस्तीफा नहीं दिया था। कांग्रेस ने दल-बदल कानून के तहत उनके खिलाफ दायर की गई याचिका अभी स्पीकर के पास पेंडिंग है। श्रुति को लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया था। ऐसे में मां-बेटी कांग्रेस से नाराज चल रहीं थी।

मंगलवार को भाजपा ने राज्यसभा की नौ सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों का नामांकन किया। केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कूरियन को मध्य प्रदेश का प्रत्याशी बनाया गया है, जबकि राजस्थान का प्रत्याशी रवनीत सिंह बिट्टू को बनाया गया। पार्टी ने बिहार में वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा को उम्मीदवार बनाया है। सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा बिहार से राज्यसभा की दूसरी सीट के लिए उम्मीदवार हैं। भाजपा ने असम से मिशन रंजन दास और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली, महाराष्ट्र से धैर्यशील पाटिल, ओडिशा से ममता मोहंता और त्रिपुरा से राजीव भट्टाचार्य को उम्मीदवार बनाया है। हाल ही में ममता मोहंता ने बीजद छोड़कर भाजपा में में शामिल हुई थीं। 3 सितंबर को नौ राज्यों में राज्यसभा की 12 खाली सीटों के लिए चुनाव होंगे।

जीत के लिए 44 विधायकों की जरूरत

नब्बे सदस्यों वाली हरियाणा विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से किरण का राज्यसभा जाना तय है। आज चार सीटें खाली हैं। भाजपा को 86 सदस्यों में से 44 विधायकों की जरूरत है। भाजपा के अपने 41 विधायक हैं। सरकार को सिरसा से हलोपा विधायक गोपाल कांडा और पृथला से निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत का समर्थन मिलता है। जजपा के दो विधायक– नरवाना से रामनिवास सुरजाखेड़ा और बरवाला से जोगीराम सिहाग भी खुलकर सरकार के साथ हैं। वहीं, कांग्रेस के पास वर्तमान में 28 विधायक हैं।

 

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