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बांकीपुर उपचुनाव में हारी भाजपा, राजद का भी बुरा हाल..जानिए प्रशांत किशोर की सीट का पूरा रिजल्ट

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सोमवार को बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव जीत लिया. यह भाजपा का गढ़ था और पार्टी 1995 के बाद कभी नहीं हारी थी. यह उपचुनाव भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सीट खाली करने के बाद हुआ था.

प्रशांत किशोर ने अपने सबसे करीबी BJP उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19,324 वोटों से हराया. प्रशांत किशोर को 64151 वोट मिले, जबकि नीरज कुमार सिन्हा को 44827 वोट मिले. राजद भी बुरा हाल रहा. राजद की उम्मीदवार रेखा कुमारी को केवल 14273 वोट मिले. वह प्रशांत किशोर से 49878 मतों से पराजित हुईं.

इस जीत के साथ मशहूर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने इतिहास रच दिया. नीरज कुमार सिन्हा को भाजपा ने जल्दबाजी में मैदान में उतारा था, क्योंकि पार्टी के उम्मीदवार अभिषेक बंटी ने आखिरी समय में पारिवारिक कारणों का हवाला देकर नाम वापस ले लिया था.

उपचुनाव जीतकर प्रशांत किशोर ने रचा इतिहास
राज्य बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने एक बयान में कहा, “हम लोगों की इच्छा के आगे झुकते हैं.” हम इस हार से सबक लेंगे, हमारे विरोधी जो अपनी हर चुनावी हार का ठीकरा EVM और चुनाव आयोग पर फोड़ते हैं.

49 साल के प्रशांत किशोर, जो यह ऐलान करके चुनाव मैदान में उतरे थे कि वह उपचुनाव को राज्य में बीजेपी की सरकार पर एक रेफरेंडम के तौर पर देखते हैं, ने रिपोर्टर्स से कहा, यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक वेक-अप कॉल है, जिन्हें क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले सम्राट चौधरी की जगह नया मुख्यमंत्री बनाना चाहिए.

सम्राट चौधरी, जो एक दशक से भी कम समय पहले भाजपा में शामिल हुए थे, समझा जाता है कि उन्हें टॉप लीडरशिप ने राज्य में गैर-यादव OBCs को अपनी ओर खींचने की पार्टी की कोशिशों के तहत चुना है, जहां 1990 के दशक का मंडल मंथन अभी भी राजनीतिक माहौल पर छाया डाल रहा है.

सम्राट चौधरी ने JD(U) प्रेसिडेंट नीतीश कुमार की जगह ली, जिन्होंने 20 साल तक मुख्यमंत्री रहने के बाद इस्तीफा दे दिया था.

जीत से जन सुराज के समर्थकों में खुशी की लहर
एएन कॉलेज में वोटों की गिनती हो रही थी, वहां मौजूद लोगों में खास थीं किशोर की डॉक्टर पत्नी जाह्नवी दास. वह पॉलिटिक्स से दूर रहने के लिए जानी जाती हैं, लेकिन उन्होंने अपने पति के इस खास पल में उनके साथ रहना चुना.

असम की रहने वाली दास ने कहा कि यह जीत बिहार के लोगों की है. RJD की रेखा गुप्ता, जिन्हें नवीन ने पिछले साल लगभग 50,000 वोटों के मार्जिन से हराया था, लेकिन कुछ महीने बाद राज्यसभा के चुनाव में हार मान ली थी, 14,273 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहीं.

वहीं, जन सुराज पार्टी कैंप में खुशी की लहर दौड़ गई, जिसने उस निराशा की जगह ले ली जो पिछले साल नवंबर में हुए असेंबली चुनावों में इस नई पार्टी को खाली हाथ रहने के बाद फैली थी.

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