Purnima Upay: पितृ दोष से छुटकारा पाने के लिए चैत्र पूर्णिमा पर इन उपायों का पालन करें, जिंदगी खुशहाल रहेगी!

Purnima Upay: हिन्दू धर्म में चैत्र पूर्णिमा पर भगवान विष्णु की पूजा करने से धन, आयु और सौभाग्य बढ़ता है। साथ ही कुछ सरल उपायों से पितृ दोष से छुटकारा पा सकते हैं और जीवन को खुशहाल बना सकते हैं।

Purnima Upay: हिंदू धर्म में चैत्र महीने का खास महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि चैत्र पूर्णिमा पर गंगा में स्नान करने और भगवान शिव और विष्णु की पूजा करने से कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। साथ ही साधक को उचित वरदान भी मिलता है। भक्त चैत्र पूर्णिमा के शुभ अवसर पर गंगा सहित कई पवित्र नदियों में स्नान करते हैं। ज्योतिषियों का कहना है कि चैत्र पूर्णिमा पर कुछ विशिष्ट उपाय करने से पितृ दोष से छुटकारा मिल सकता है। ऐसे में, अगर आप भी पितृ दोष से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो चैत्र पूर्णिमा पर क्या करना चाहिए?

हिंदू पंचांग में इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा 12 अप्रैल को होगी। चैत्र पूर्णिमा पर शाम 6 बजकर 18 मिनट पर चंद्रोदय होगा। पूर्णिमा के दिन पितृ दोष से छुटकारा पाने के लिए आपको अपने पिता को याद करके सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए, उनके लिए भोजन बनाना चाहिए, गाय, कुत्ता, कौआ और पितृस्तोत्र का पाठ करना चाहिए। इसके अलावा पितृ दोष से मुक्ति के लिए कुछ उपाय इस प्रकार हैं…

करें ये विशिष्ट उपाय

तर्पण और श्राद्ध: पूर्णिमा के दिन विधि-विधान से श्राद्ध करें और पितरों के लिए तर्पण करें।

गंगा स्नान: यदि संभव हो तो पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करें या घर पर ही गंगा जल को गंगाजल में मिलाकर स्नान करें।

पूर्णिमा के दिन घर में दीपक जलाएं। दक्षिण में दीपक जलाना शुभ है।

पीपल के पेड़ पर पानी डालें: पूर्णिमा के दिन पितरों की पूजा करते हुए पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं।

अपनी श्रद्धा के अनुसार दान करें:- पूर्णिमा के दिन अपने पितरों को प्रसन्न करने के लिए काले तिल, कपड़े और भोजन का दान करें।

पूर्णिमा पर पितृ दोष से छुटकारा पाने के लिए ॐ पितृभ्यः नमः मंत्र का जाप करें।

शिवलिंग पर जल चढ़ाएं: पूर्णिमा के दिन शिवलिंग पर तिल, पान, धतूरा और कच्चा दूध चढ़ाएं।

कौओं को भोजन कराना:– चैत्र पूर्णिमा पर कौओं को भोजन कराने से पितरों को शांति मिलती है.

पितृ श्राप से छुटकारा पाने का मंत्र

पितृदोष दूर करने के लिए आप ‘ॐ श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नम:’, ‘ॐ प्रथम पितृ नारायणाय नम:’, ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ आदि मंत्रों का जाप कर सकते हैं. चैत्र पूर्णिमा के दिन अगर आप इन मंत्रों का जाप विधि-विधान से करते हैं तो इससे आपके पितरों को मुक्ति मिल सकती है और आपको उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. इसके अलावा जीवन में आने वाली बाधाओं से मुक्ति मिल सकती है.

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