स्वास्थ्य

कुपोषण से बढ़ रहा डायबिटीज का खतरा? क्या है टाइप 5 डायबिटीज

आपने टाइप- 1 और 2 डायबिटीज के बारे में सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि डायबिटीज टाइप- 5 भी हो सकती है.

इसका संबंध कुपोषण से है, यानी जो बच्चे बचपन में कुपोषित रह जाते हैं उनको इसका खतरा हो सकता है.

डायबिटीज सिर्फ गलत खानपान या जेनेटिक कारणों से ही नहीं होती बल्कि ये कुपोषण से भी हो सकती है. हाल ही में एक जानकारी सामने आई है. इसमें बताया गया है कि कुपोषण (मालन्यूट्रिशन) भी डायबिटीज का एक बड़ा कारण बन सकता है. इसको टाइप- 5 डायबिटीज का नाम दिया गया है. क्या है टाइप 5 डायबिटीज? ये क्यों होती है इस बारे में जानते हैं.

कुपोषण का डायबिटीज से क्या है संबंध

इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के मुताबिक, बचपन में जिन बच्चों को कुपोषण होता है उनमें इंसुलिन का सही यूज नहीं हो पाता है और आगे चलकर डायबिटीज का रिस्क बढ़ जाता है. इन लोगों में बीएमआई सामान्य से काफी कम होता है. मतलब वजन तय मानक से कम होता है. वजन कम होना, कुपोषण के कारण शुगर लेवल हाई होता है. इसी वजह से टाइप- 5 डायबिटीज टाइप- 1 और 2 से काफी अलग है. इसमें वजन कम होने और सही डाइट न लेने से डायबिटीज होती है. कुछ लोगों में इसका रिस्क अधिक होता है.

किन लोगों को ज्यादा खतरा?

  • जिनको बचपन में सही भोजन नहीं मिलता है.
  • वजन कम रहता है
  • डाइट में प्रोटीन, विटामिन नहीं होते हैं.
  • लंबे समय से कुपोषण का शिकार लोग

इसके लक्षण क्या होते हैं

भूख कम लगना

बार बार पेशाब आना

कमजोरी

वजन कम होना

थकान

बचाव और इलाज क्या है?

टाइप- 5 डायबिटीज से बचाव का सीधा तरीका यह है कि बचपन में खानपान का ध्यान रखें. बच्चे की डाइट में प्रोटीन, विटामिन शामिल हों. उसका वजन मेंटेन रहे. वह किसी भी तरह से कुपोषण का शिकार न हो.

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