डायबिटीज के मरीजों को रात में खाना खाने के बाद ये काम करना चाहिए; इससे ब्लड शुगर तेजी से नियंत्रित होगा और उन्हें भरपूर नींद मिलेगी

लैंसेट ने बताया कि डायबिटीज होने पर उम्र कई साल कम होती है। डायबिटीज को नियंत्रित नहीं करने पर शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है, जो ब्लड वैसेल्स को नैरो और हार्ड बनाता है।
डायबिटीज देश-दुनिया में एक महामारी बन गई है। लैंसेट ने बताया कि डायबिटीज होने पर उम्र कई साल कम होती है। डायबिटीज को नियंत्रित नहीं करने पर शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है, जो ब्लड वैसेल्स को नैरो और हार्ड बनाता है। इससे बीपी बढ़ता है, हाई बीपी होता है, फिर इंसुलिन रेजिस्टेंस और कोलेस्ट्रॉल समस्याएं होती हैं। नतीजतन, दिल का दौरा, ब्रेन स्ट्रोक और किडनी की समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में डायबिटीज से पीड़ित लोगों को अपनी डाइट और जीवनशैली में कुछ और भी बदलाव करना चाहिए।
रात का खाना खाने के बाद डायबिटीज के मरीजों को वॉक ज़रूर करना चाहिए। खाने के बाद दस से पंद्रह मिनट की वॉक करना ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। चलिए जानते हैं वॉक डायबिटीज से पीड़ित लोगों पर कैसा प्रभाव डालता है और यह क्यों आवश्यक है?
रात के खाने के बाद वॉक को करें
रात को खाने के बाद बिस्तर पर जाने की बजाय हर रोज़ कम से कम आधे घंटे चलें। वॉक करने से मांसपेशियां अधिक ग्लूकोज को अवशोषित करती हैं, जिससे रक्तचाप कम होता है। नियमित वॉक करने से शरीर इंसुलिन के प्रति अधिक संवेदनशील होता है, जो इसका बेहतर उपयोग करता है। मेटाबॉलिज्म इससे बढ़ता है
ये अतिरिक्त लाभ हैं:
रात को खाने के बाद टहलने से पाचन क्रिया बेहतर होती है, जिससे कब्ज और अन्य पेट की बीमारियां दूर होती हैं।वॉक करने से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है, जिससे वजन कम करना आसान होता है।टहलने से आत्मविश्वास बढ़ता है और तनाव कम होता है नींद में सतह अच्छी है।
ऑफिस में वॉक करने का तरीका:
ऑफिस में लंबे समय तक बैठने के बजाय कम समय तक खड़े रहने से पोस्टप्रांडियल ग्लूकोज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऑफिस में काम करते समय भागने या जॉगिंग करना मुमकिन नहीं है, लेकिन अपनी सीट से उठकर कॉफी लें या फिर किसी सहकर्मी से बात कर लें या फिर यूं ही ऑफिस का एक चक्कर मार लें। इससे वॉक भी हो जाएगी और मन भी हल्का हो जायेगा। अकुछ देर की सैर भी ग्लूकोज और इंसुलिन के प्रभाव को कम करती है। अगर आप दिनभर में 10 ब्रेक भी लेते हैं, तो इससे आपके ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, इंसुलिन, ग्लूकोज पर पॉजिटिव असर पड़ता है।



