
नेपाल में बुधवार को तिब्बत से आई बाढ़ इतनी तेजी से भोटेकोशी नदी में पहुंची कि लोगों को संभलने का भी मौका नहीं मिला. पल भर में ही चारों ओर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनाई देने लगी. रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 98 लोगों की मौत हो चुकी है और मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. सैकड़ों विदेशी नागरिक भी लापता हैं, उनके लिए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं. हालात इतने बिगड़ गए हैं कि अब भारत में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है. लेकिन सवाल यह उठता है कि नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा की वजह क्या है? आखिर इस बाढ़ ने पूरी दुनिया को कैसे डरा दिया है? हमारी रिपोर्ट में जानिए.
लेकिन सबसे पहले, आइए नेपाल में आई भयानक बाढ़ से जुड़ी तीन थ्योरी पर बात करते हैं- एक ऐसी घटना जिसने न सिर्फ नेपाल में, बल्कि पूरी दुनिया में दहशत फैला दी है. कुदरत ने नेपाल पर ऐसा कहर बरपाया कि उसकी तस्वीरें देखकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं. तिब्बत से अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई. देखते ही देखते घरों, सड़कों और पनबिजली परियोजनाओं को उफनते पानी ने निगल लिया. तिब्बत से अचानक आई बाढ़ का पानी भोटेकोशी नदी की तरफ बढ़ा और फिर नेपाल के रसुवा में लहरों ने रफ्तार पकड़ ली. रफ्तार ऐसी की मानो पहाड़ टूटकर नदी में उतर आया हो.
पहाड़ी इलाका..संकरी घाटियां और तेज बहाव ऐसे में अचानक बढ़ा जलस्तर किसी सुनामी से कम नहीं था. देखते ही देखते लहरों ने अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को लील लिया. कुछ ही सेकंड में यहां पर स्थित मकान, दुकान सब बर्बाद हो गए. यहां मौजूद कई लोगों को भागने का मौका तक नहीं.
भयानक फ्लड में सबकुछ बह गया
नेपाल में सैलाब के सितम की डरा देने वाली कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल रही है. जिसे देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं. हजारों लोगों की जिंदगियां इस विनाशकारी बाढ़ के चलते मुसीबत में है. नेपाल ट्रेकिंग एजेंसी अध्यक्ष सागर पांडे का कहना है कि नेपाल में इतना भयानक फ्लड आया है कि उसमें सबकुछ बह गया है. अभी सिर्फ 50 से 60 लोगों का रेस्क्यू किया जा रहा है. यहां पर कुछ बचा नहीं है. चीन से जो लोग आए थे वो भी नहीं बचे हैं जो लॉज थे. होटल थे,गाड़ियां थी, हाइड्रो पावर था, कुछ भी नहीं बचा और सड़कों का अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं.
1000 से ज्यादा लोगों के बह जाने की आशंका
तिब्बत की तरफ से आई तबाही में 1000 से ज्यादा लोगों के बह जाने की आशंका है. सबसे ज्यादा नुकसान रसुवा जिले में हुआ है. अबतक 400 से ज्यादा पर्यटक लापता हैं. जानकारी के मुताबिक इन लापता पर्यटकों में 300 से ज्यादा विदेशी नागरिक हैं. लापता लोगों में 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. वहीं इस तबाही में 72 से ज्यादा लोगों के मौत की खबर है. खबरों की मानें तो सैलाब में कई गावों के बहने की खबर है.
13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को नुकसान
टिमुरे और स्याब्रुबेसी में कई घर बह गए. 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को नुकसान हुआ है. तबाही में नेपाल के धादिंग में मलेखु के पास एक पुल बह गया. ये पुल धादिंगबेसी को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग था. नदी में अचानक इतना पानी आया कि पूरा पुल नदी के बहाव के साथ बह गया.
12 हेलीकॉप्टर की मदद से लोगों का रेस्क्यू
बाढ़ और जलप्रलय ने पूरे नेपाल को हिलाकर रख दिया है. हालात ये हैं कि लोगों के रेस्क्यू में भी मुश्किलें आ रही हैं. क्योंकि इसमें सबसे बड़ी चुनौती है, बाढ़ का खतरा, पहाड़ी इलाका और तबाह हो चुका रास्ता. हालांकि रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो चुका है. 12 हेलीकॉप्टर की मदद से लोगों का रेस्क्यू किया जा रहा है. नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवान रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं. काठमांडू से विशेष रेस्क्यू और मेडिकल टीमें भी मौके पर भेजी गई हैं. अब तक मलबे और बाढ़ के बीच से करीब 25 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है.
10 से 12 जिलों का कटा नेटवर्क
काठमांडू के स्थानीय पत्रकार अशोक अधिकारी ने बताया कि नेपाल में जो फिलहाल हालत है, जो रसुवा,नुवाकोट और सिंधुपालचोक और चितवन तक सभी जगहों पर बाढ़ का मलबा पहुंच चुका है. जिसकी वजह से यहां पर कम से कम 10 से 12 जिलों का सारा नेटवर्क कट चुका है. यहां पर यातायात पूरी तरह से डैमेज हो चुका है. हर तरफ एक ही सवाल है. लापता लोग कहां हैं. कौन सुरक्षित है और कौन मलबे में फंसा है? हालांकि अब मलबों से लेकर सैलाब में फंसे लोंगों का रेसक्यू ऑपरेशन तेज कर दिया गया है.
मलबों के नीचे भी इंसानी जिंदगी की तलाश
फ्लैश फल्ड के मलबों के नीचे भी इंसानी जिंदगी की तलाश नेपाल की सेना और रेसक्यू टीम कर रही है. देखा जा सकता है कि कैसे सेना का जवान नीचे उतरकर मलबे मेंं दबे लोगों का रेसक्यू कर रहे हैं और फिर उन्हें एयरलिफ्ट किया जा रहा है. उधर नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात की और जान-माल की हानि पर शोक व्यक्त किया.
PM मोदी ने हरसंभव मदद का दिया आश्वासन
प्रधानमंत्री मोदी ने हर संभव मानवीय और राहत सहायता देने का भी आश्वासन दिया है. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने इसकी जानकारी दी उन्होंने लिखा इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं. भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है. हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं.
नेपाल में आई इस आपदा ने उसे एक ऐसा जख्म दिया है जिसे भरने में बहुत समय लगेगा. लेकिन ये आपदा इंसानों के लिए एक चेतावनी भी है कि अगर अब भी इंसान ने कुदरत से खिलवाड़ करना नहीं छोड़ा तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ी त्रासदी दस्तक दे सकती है.



