अयोध्या की गोसाईगंज सीट से खब्बू तिवारी ने जताई दावेदारी; अभय सिंह को लेकर भी दिया बड़ा बयान

समाजवादी पार्टी से बगावत कर गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह ने 14 अक्टूबर को अमेठी के गौरीगंज में बीजेपी का दामन थाम लिया है. उनकी इस जॉइनिंग के बाद अयोध्या की गोसाईगंज सीट पर सियासी समीकरण पूरी तरह उलझ गए हैं. इस सीट पर अभय सिंह और पूर्व बीजेपी विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी के बीच पुरानी राजनीतिक दुश्मनी रही है. अब दोनों के एक ही पार्टी में आने के बाद सवाल उठ रहा है कि गोसाईगंज से बीजेपी किसे अपना उम्मीदवार बनाएगी. इन तमाम अटकलों के बीच खब्बू तिवारी ने अपनी खामोशी तोड़ते हुए गोसाईगंज सीट पर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है.

गोसाईगंज से चुनाव लड़ने की इच्छा

खब्बू तिवारी ने साफ कर दिया है कि गोसाईगंज सीट पर उनकी दावेदारी मजबूत है और आगे भी बनी रहेगी. उन्होंने कहा है कि वह पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं और 2017 का विधानसभा चुनाव गोसाईगंज से लड़कर जीत चुके हैं. 2022 में उनकी पत्नी ने भी इसी सीट से चुनाव लड़ा था. टिकट की बात पर उन्होंने कहा है कि टिकट किसे मिलेगा, यह फैसला संगठन का है. लेकिन एक कार्यकर्ता और पूर्व विधायक होने के नाते उनकी इच्छा है कि पार्टी गोसाईगंज से उनके नाम पर विचार करे. खब्बू ने साफ कहा है कि जब समाज सेवा के लिए राजनीति में उतरे हैं, तो दावेदारी निश्चित रूप से रहेगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी इच्छा गोसाईगंज से ही चुनाव लड़ने की है.

अभय सिंह को लेकर यूपी तक के सवाल पर क्या बोले

यूपी तक ने जब खब्बू तिवारी से उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी अभय सिंह के बीजेपी में आने को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने सधे हुए अंदाज में जवाब दिया है. यूपी तक ने पूछा कि जिस अभय सिंह से उनका लगातार टकराव होता रहा है, उनके पार्टी में आने पर वह कैसा महसूस कर रहे हैं? इस पर खब्बू तिवारी ने जवाब दिया है कि जो भी कमल के फूल के साथ आकर पार्टी को मजबूत करेगा, वह उसका स्वागत करेंगे. उन्होंने कहा, ‘हम कमल के फूल के साथ हैं. हमारी पहचान पार्टी और हमारे कार्यकर्ताओं से है. किसी के आने से पार्टी मजबूत होती है तो यह बहुत अच्छी बात है.’

अभय सिंह को सपोर्ट करने पर बोले

यूपी तक ने आगे सवाल किया कि अगर बीजेपी गोसाईगंज से अभय सिंह को टिकट देती है, तो क्या वह उनका साथ देंगे? इसके जवाब में खब्बू तिवारी ने कहा है कि टिकट किसे मिलेगा और कौन लड़ेगा, यह आने वाले समय पर निर्भर रहेगा. इस पर अभी कुछ भी कहना बेईमानी होगी. इन्होंने इस सवाल का जवाब देते हुए आगे कहा, ‘जब मैंने कह दिया कि मैं कमल और भाजपा के साथ हूं, तो इसमें आपके सारे उत्तर आ गए.’ खब्बू तिवारी ने यह भी बताया है कि अभय सिंह के बीजेपी में शामिल होने के बाद से अभी तक उनकी उनसे कोई भी मुलाकात नहीं हुई है.

गोसाईगंज सीट का पुराना इतिहास

गोसाईगंज सीट पर अभय सिंह और खब्बू तिवारी के परिवारों के बीच हमेशा कांटे की टक्कर रही है. साल 2012 में अभय सिंह समाजवादी पार्टी के टिकट पर पहली बार यहां से विधायक बने थे. इसके बाद 2017 के चुनाव में खब्बू तिवारी बीजेपी के टिकट से चुनाव लड़ते हुए अभय सिंह को हरा दिया था. लेकिन 2022 में जब खब्बू तिवारी जेल में थे, तो बीजेपी ने उनकी पत्नी आरती तिवारी को टिकट दिया था. इस चुनाव में सपा उम्मीदवार अभय सिंह ने आरती तिवारी को करीब 13,000 वोटों के अंतर से हरा दिया था.

बीकापुर भेजे जा सकते हैं अभय

इन दोनों दिग्गज नेताओं के एक ही पार्टी में आने के बाद कई तरह की सियासी चर्चाएं चल रही हैं. माना जा रहा है कि गोसाईगंज में टकराव से बचने के लिए अभय सिंह को बीकापुर सीट से चुनाव मैदान में भेजा जा सकता है. अभय सिंह ने भी बीजेपी ज्वाइन करते वक्त कहा भी था कि उनकी पहली प्राथमिकता पार्टी है और संगठन जो भी आदेश देगा, वह उसका पालन करेंगे.

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