Survey: यूपी में अभी चुनाव हुए तो BJP-SP में किसे मिलेगी बढ़त, मुख्यमंत्री की रेस में कौन पहली पसंद?

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मुकाबले की चर्चा तेज है. इसी बीच News18 के मेगा ओपिनियन पोल में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को बड़ी बढ़त मिलती दिखाई गई है. सर्वे के मुताबिक अगर अभी चुनाव होते हैं तो 66.6 फीसदी लोग एनडीए को वोट देने की बात कह रहे हैं. वहीं, मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं. सर्वे में योगी सरकार के कामकाज को लेकर भी बड़ी संख्या में लोगों ने संतुष्टि जताई है. इसके अलावा कानून-व्यवस्था, रोजगार, महंगाई और राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर भी मतदाताओं की राय सामने आई है.

वोट देने की बात आई तो NDA सबसे आगे

News18 के मेगा ओपिनियन पोल के मुताबिक उत्तर प्रदेश में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को 66.6 फीसदी लोगों का समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है. वहीं, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को 26.4 फीसदी लोगों ने अपनी पसंद बताया. बहुजन समाज पार्टी यानी बीएसपी के पक्ष में 5.4 फीसदी लोगों ने मतदान करने की बात कही. इन आंकड़ों के आधार पर एनडीए विपक्षी गठबंधन से काफी आगे नजर आ रहा है. सर्वे में करीब 65 फीसदी लोगों ने बीजेपी सरकार को लगातार तीसरी बार मौका देने का समर्थन किया है. यह रुझान मौजूदा सरकार के पक्ष में मजबूत माहौल की ओर इशारा करता है.

अगर अभी चुनाव हुए तो किसे कितने वोट?
– NDA (BJP): 66.6%
– SP-कांग्रेस गठबंधन: 26.4%
– BSP: 5.4%
– BJP सरकार को तीसरी बार मौका देने के समर्थन में: करीब 65%

मुख्यमंत्री की रेस में कौन है आगे?

मुख्यमंत्री पद के लिए लोगों की पसंद के मामले में भी योगी आदित्यनाथ आगे दिखाई दे रहे हैं. सर्वे में 66.2 फीसदी लोगों ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पहली पसंद बताया. वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को 24.4 फीसदी लोगों का समर्थन मिला. इस तरह मुख्यमंत्री की पसंद के मामले में दोनों नेताओं के बीच बड़ा अंतर नजर आ रहा है. इसके साथ ही योगी सरकार के कामकाज पर 77.1 फीसदी लोगों ने संतुष्टि जताई, जबकि 13.5 फीसदी लोग सरकार के काम से असंतुष्ट दिखाई दिए.

सीएम पद के लिए पसंद और सरकार के कामकाज पर राय
– योगी आदित्यनाथ: मुख्यमंत्री पद के लिए 66.2% लोगों की पहली पसंद
– अखिलेश यादव: 24.4% लोगों का समर्थन
– योगी सरकार के कामकाज से संतुष्ट: 77.1%
– सरकार के कामकाज से असंतुष्ट: 13.5%

यूपी में सबसे बड़ा मुद्दा क्या?

ओपिनियन पोल में कानून-व्यवस्था मतदाताओं के लिए सबसे अहम मुद्दा बनकर सामने आई है. सर्वे के मुताबिक 33.4 फीसदी लोगों ने कानून-व्यवस्था और गुंडा राज की वापसी के डर को अपने मतदान के फैसले पर असर डालने वाला प्रमुख कारक बताया. इसके अलावा रोजगार और महंगाई भी लोगों की चिंताओं में शामिल हैं. भ्रष्टाचार को 3.4 फीसदी लोगों ने अहम मुद्दा बताया, जबकि जाति और आरक्षण को 1.3 फीसदी लोगों ने प्राथमिकता दी. बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों को 1 फीसदी और स्वास्थ्य सेवाओं को 0.7 फीसदी लोगों ने महत्वपूर्ण माना. राम मंदिर निर्माण को केवल 1.6 फीसदी लोगों ने अपने वोट को प्रभावित करने वाला सबसे अहम मुद्दा बताया. वहीं, 0.6 फीसदी लोगों ने मंदिर चंदे से जुड़े विवाद का जिक्र किया.

मतदाताओं के लिए सबसे अहम मुद्दे
– कानून-व्यवस्था: 33.4%
– भ्रष्टाचार: 3.4%
– राम मंदिर निर्माण: 1.6%
– जाति और आरक्षण: 1.3%
– बुनियादी ढांचा: 1.0%
– स्वास्थ्य सेवाएं: 0.7%
– मंदिर चंदे से जुड़ा विवाद: 0.6%
अन्य प्रमुख मुद्दे: रोजगार और महंगाई भी मतदाताओं की चिंताओं में शामिल हैं.

पश्चिमी यूपी और रुहेलखंड में NDA मजबूत

क्षेत्रवार आंकड़ों में भी एनडीए को कई इलाकों में मजबूत समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है. सर्वे के मुताबिक रुहेलखंड में एनडीए को 73.2 फीसदी, दोआब में 70.4 फीसदी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 70.1 फीसदी समर्थन मिला. इसके मुकाबले बुंदेलखंड में एनडीए का समर्थन 56 फीसदी और उत्तर-पूर्वी यूपी में 60.6 फीसदी रहा. हालांकि, इन दोनों क्षेत्रों में भी एनडीए आगे दिखाई दे रहा है. दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन को उत्तर-पूर्वी यूपी में 34 फीसदी, पूर्वी यूपी में 30.1 फीसदी और अवध क्षेत्र में 28.6 फीसदी समर्थन मिलता नजर आया. बीएसपी के लिए बुंदेलखंड अपेक्षाकृत बेहतर क्षेत्र रहा, जहां उसे 11.2 फीसदी समर्थन मिलने की बात सामने आई. पूरे प्रदेश में बीएसपी का समर्थन 5.4 फीसदी बताया गया है.

सभी 75 जिलों में हुआ सर्वे

 

News18 की प्रकाशित लाइव कवरेज के अनुसार इस सर्वे के लिए 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक फील्डवर्क किया गया. इसमें उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल किया गया. सर्वे में 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के कुल 30,925 लोगों से बातचीत की गई, जिनमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल थे. जानकारी जुटाने के लिए घर-घर जाकर कंप्यूटर-असिस्टेड पर्सनल इंटरव्यू (CAPI) पद्धति का इस्तेमाल किया गया. इसके तहत हिंदी में अनुवादित व्यवस्थित प्रश्नावली के माध्यम से उत्तरदाताओं की राय दर्ज की गई.
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