बरेली में 70 किमी/घंटा की रफ्तार से आई आंधी ने मचाई तबाही, तीन लोगों की दर्दनाक मौत, पेड़-खंभे सब उखड़े

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में अचानक बदले मौसम के मिजाज ने भारी तबाही मचाई है. करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की खौफनाक रफ्तार से चली आंधी और तेज बारिश के कारण शहर से लेकर देहात तक हाहाकार मच गया. जगह-जगह पेड़, बिजली के खंभे और मकानों की कच्ची दीवारें गिर गईं जिनकी चपेट में आने से दो महिलाओं और एक 6 साल के मासूम समेत 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. वहीं आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. जनपद में पहली बार कुदरत का ऐसा रौद्र रूप देखने को मिला जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया. जिलाधिकारी ने आनन-फानन में राहत और बचाव टीमों को मैदान में उतारा.

कच्ची दीवारें बनीं 3 लोगों के मौत की वजह

आंधी-तूफान के दौरान सबसे ज्यादा नुकसान मकानों की कच्ची दीवारें ढहने से हुआ. तेज हवाओं के बीच दीवार गिरने से 65 साल की सुदामा देवी की मौत हो गई. जबकि एक अन्य स्थान पर 6 साल के मासूम राजा मलबे में दब गया और उसकी जान चली गई. अपने मवेशियों को चारा डालने गई 25 साल की गणेशी देवी के ऊपर मकान की दीवार भरभराकर गिर गई. ग्रामीणों ने जब तक मलबा हटाया तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं.
वहीं प्रेम नगर क्षेत्र के एक मकान की दीवार ढहने से महिलाओं और बच्चों समेत आधा दर्जन से अधिक लोग मलबे में दबकर घायल हो गए. पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी को निकालकर बरेली जिला अस्पताल में भर्ती कराया है जहां कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है.

किला पुल पर टला बड़ा हादसा

तेज हवाओं के तांडव के बीच किला पुल पर एक विशालकाय पेड़ रेलिंग तोड़ता हुआ सीधे हाईटेंशन बिजली लाइन पर जा गिरा. तार टूटकर सड़क पर गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पेड़ की चपेट में एक कार भी आ गई. गनीमत यह रही कि मौसम के अलर्ट को देखते हुए बिजली आपूर्ति पहले ही बंद कर दी गई थी जिससे बड़ा हादसा टल गया. इसके अलावा किला इलाके में ही पेड़ गिरने से एक मंदिर की दीवार भी क्षतिग्रस्त हुई है.

तूफान और बारिश का सबसे बड़ा प्रहार जिले की बिजली आपूर्ति पर पड़ा है. जिले भर में लगभग 15 स्थानों पर भारी पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए और करीब 15 बिजली के पोल टूट गए जिससे कई मुख्य मार्गों पर आवागमन ठप हो गया. बिजली सब-स्टेशनों में पानी भरने और तार टूटने के कारण शहर के करीब 12 फीडर बंद हो गए जिससे बरेली शहर और देहात के बड़े हिस्से में घंटों बिजली गुल रही.

जिलाधिकारी का एक्शन

हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने तुरंत मोर्चा संभाला. स्थिति का जायजा लेते ही अधिकारियों, एसडीएम और राहत-बचाव टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में रवाना किया गया. डीएम ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया है कि पीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता राशि और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए. साथ ही अस्पतालों में घायलों के बेहतर इलाज के कड़े निर्देश दिए गए हैं.

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