13 साल बाद सपा में वापसी पर अखिलेश यादव का रिएक्शन, कौन हैं राम आसरे कुशवाहा?

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. इसी बीच समाजवादी पार्टी में करीब 13 साल बाद एक पुराने नेता की वापसी हुई है.

पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता राम आसरे कुशवाहा ने भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है. अखिलेश यादव ने पार्टी में उनका स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से समाजवादी पार्टी और मजबूत होगी और PDA की ताकत भी बढ़ेगी.

राम आसरे कुशवाहा की सपा में वापसी पर अखिलेश यादव ने कहा, “आज के दिन मुझे खुशी इस बात की कि बहुत जिम्मेदार, बहुत वरिष्ठ और सम्मानित नेता राम आसरे कुशवाहा जी आज हमारी पार्टी में शामिल हो रहे हैं.” 

पीडीए की ताकत होगी और मजबूत: अखिलेश

अखिलेश ने आगे कहा कि वह पार्टी की तरफ से और सभी समाजवादी साथियों की तरफ से राम आसरे कुशवाहा का स्वागत, धन्यवाद और आभार व्यक्त करते हैं. उन्होंने कहा, “इनके आने से समाजवादी पार्टी और मजबूत होगी. पीडीए की ताकत और मजबूत होगी.”

राम आसरे कुशवाहा की सपा में वापसी ऐसे समय हुई है, जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं. करीब 13 साल बाद उनकी वापसी ने उनके पुराने राजनीतिक सफर को भी चर्चा में ला दिया है.

कौन हैं राम आसरे कुशवाहा?

राम आसरे कुशवाहा उत्तर प्रदेश की राजनीति के पुराने और अनुभवी नेताओं में शामिल हैं. उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत बहुजन समाज पार्टी से की थी. साल 1996 में बसपा के टिकट पर पहली बार विधायक बने. इसके बाद समाजवादी पार्टी में शामिल हुए और पार्टी संगठन में बड़ी जिम्मेदारियां संभालीं.

सपा में रहते हुए राम आसरे कुशवाहा राष्ट्रीय महासचिव भी रहे. उन्हें मुलायम सिंह यादव के करीबी नेताओं में गिना जाता था. बाद में उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे.

2013 में सपा से अलग हो गए थे रास्ते

राम आसरे कुशवाहा की सपा से दूरी साल 2013 में बढ़ी थी. उस समय  पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव थे… मुजफ्फरनगर दंगों को लेकर उनके बयान पार्टी लाइन से अलग बताए गए थे. इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय महासचिव पद से हटा दिया गया. अक्टूबर 2013 में सपा ने उनका मंत्री पद का दर्जा भी वापस ले लिया था.

इसके बाद राम आसरे कुशवाहा ने समाजवादी पार्टी से अलग होकर भाजपा का रुख किया. अब करीब 13 साल बाद उन्होंने एक बार फिर अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा की सदस्यता ले ली है. उनकी वापसी पर अखिलेश यादव ने इसे पार्टी के लिए मजबूती वाला कदम बताया और PDA की ताकत बढ़ने की बात कही.

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