EPFO: ATM से भी पीएफ का पैसा निकाल सकेंगे सब्सक्राइबर, बना रही है सरकार प्लान

फिलहाल, EPFO सदस्यों का 12 प्रतिशत वेतन (मूल वेतन और महंगाई भत्ता) ईपीएफ खाते में जाता है। वहीं नियोक्ता के 12 प्रतिशत योगदान में से 8.33 प्रतिशत ईपीएस-95 में जाता है।
केंद्रीय सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में कुछ महत्वपूर्ण परिवर्तनों की योजना बना रही है। अब सरकार ईपीएफओ 3.0 की घोषणा करने वाली है, जो ग्राहकों को कई नई सुविधाएं देगी। इसके तहत ATMs का विकल्प भी दिया जा सकता है।
क्या है प्लान
ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स को पीएफ निकालने के लिए सीधे एटीएम का उपयोग करने का विकल्प मिल सकता है; इस प्रक्रिया का उद्देश्य निकासी को अधिक आसान बनाना है। समाचार के अनुसार, श्रम मंत्रालय पीएफ निकासी को एटीएम के माध्यम से करने के लिए कार्ड बनाने पर काम कर रहा है। इस सुविधा के मई-जून 2025 तक शुरू होने की उम्मीद है, जिससे ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स को और राहत मिलेगी।
यह भी प्रस्ताव है
ईपीएफओ भी भविष्य निधि (पीएफ) में कर्मचारी योगदान पर लगी 12 प्रतिशत की सीमा को हटाने का अधिकार रखता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्मचारियों को अपनी बचत प्राथमिकताओं के आधार पर जल्द ही अपने पीएफ खातों में पैसे डालने की सुविधा मिल सकती है। योजना भी किसी भी समय वर्तमान सीमा से अधिक जमा करने की अनुमति दे सकती है। हालांकि, यह प्रस्ताव शुरुआती चर्चा चरण में है।
किसका कंट्रीब्यूशन कितना है
ध्यान दें कि ईपीएफओ सदस्यों (मूल वेतन और महंगाई भत्ता) के वेतन का फिलहाल 12 प्रतिशत ईपीएफ खाते में जाता है। वहीं नियोक्ता के 12 प्रतिशत योगदान में से 8.33 प्रतिशत ईपीएस-95 में जाता है, जबकि शेष 3.67 प्रतिशत ईपीएफ खाते में जमा किया जाता है
सूत्र ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार सामाजिक सुरक्षा लाभ में सुधार के अलावा देश में रोजगार सृजन पर भी ध्यान दे रही है। श्रम मंत्रालय ने हाल ही में ईपीएफओ से रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन (ईएलआई) योजना शुरू करने के लिए इंफ्रा स्ट्रक्चर को बढ़ावा देने और क्षमता निर्माण की तैयारियों पर ध्यान देने की मांग की।



