
Vijender Gupta: दिल्ली विधानसभा की लोक लेखा समिति (PAC) को प्रदूषण पर CAG रिपोर्ट की व्यापक जांच करने और तीन महीने के भीतर रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है।
Vijender Gupta On AAP: दिल्ली में वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को लेकर CAG रिपोर्ट पर व्यापक कार्रवाई होगी। बुधवार, 2 अप्रैल, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने विधानसभा की लोक लेखा समिति (PAC) को इस रिपोर्ट की विस्तृत जांच करने और तीन महीने के भीतर इसे प्रस्तुत करने का आदेश दिया। साथ ही, संबंधित विभागों को भी एक महीने के अंदर अपने Action Taken Note (कार्रवाई रिपोर्ट) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
विधानसभा में पेश CAG रिपोर्ट में पता चला कि दिल्ली में कार प्रदूषण को कम करने में तत्कालीन “आप” सरकार पूरी तरह से असफल रही। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली सरकार ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने और वायु गुणवत्ता की निगरानी करने के लिए कोई ठोस प्रणाली नहीं बनाई।
CAG ने ये महत्वपूर्ण कमियां गिनाई:
• डीटीसी बसों की संख्या बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन नई बसें नहीं उतारी गईं।
• मोनोरेल, प्रकाश रेलवे और इलेक्ट्रॉनिक ट्रॉली बस जैसे विकल्पों पर कोई काम नहीं हुआ।
• गाड़ियों को प्रदूषण प्रमाण पत्र देने के लिए निरीक्षण के बिना ही पॉल्यूशन चेकिंग सिस्टम में भारी खराबी हुई।
• 64% लोगों ने वाहनों का फिटनेस चेक किया था, लेकिन फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं लिया।
• सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का उल्लंघन: अप्रैल 2020 में, BS-III और BS-IV वाहनों को अवैध रूप से रजिस्टर किया गया था।
• 47.51 लाख वाहनों में से केवल 2.98 लाख का रजिस्ट्रेशन रद्द हुआ।
• ऑड-ईवन, ट्रकों पर प्रतिबंध और इलेक्ट्रिक कार की योजनाओं को सही तरह से नहीं लागू किया गया।
‘AAP ने प्रदूषण रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए’
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा, “तत्कालीन ‘आप’ सरकार ने मीडिया और विज्ञापनों में बड़े दावे किए, लेकिन हकीकत में प्रदूषण रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए।” दिल्लीवासियों को इस लापरवाही के कारण प्रदूषण से जुड़ी खतरनाक बीमारियां हो रही हैं।”
PAC अपनी रिपोर्ट तीन महीने में प्रस्तुत करेगा
लोक लेखा समिति (PAC) तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसमें उन अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान की जाएगी, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं किया। साथ ही, सुधार के लिए अब तक किए गए प्रयासों का विवरण देने के लिए, संबंधित विभागों को एक महीने के भीतर एक नोटिस दिया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि CAG रिपोर्ट के बाद दिल्ली में प्रदूषण को कम करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। PAC की रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई भी होगी।



