राज्यदिल्ली

Supreme Court: केजरीवाल पर SC की महत्वपूर्ण टिप्पणी, सिर्फ इसलिए आप गिरफ्तार नहीं कर सकते कि..

Supreme Court: जस्टिस खन्ना ने अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत देने के अपने निर्णय में माना कि ईडी को सिर्फ पूछताछ में गिरफ्तारी नहीं करनी चाहिए। पीएमएलए की धारा 19 के तहत इसे कोई आधार नहीं देती है।

Supreme Court: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में पीएमएलए के तहत दर्ज मामले में सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली। ईडी की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली केजरीवाल की याचिका को जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने पीएमएलए की धारा 19 के अनुसार एक अनिवार्य शर्त के रूप में देखा जाना चाहिए या नहीं।

जस्टिस खन्ना ने अपने निर्णय में माना कि ईडी को सिर्फ पूछताछ से गिरफ्तारी की अनुमति नहीं मिलती है। पीएमएलए की धारा 19 इसे कोई आधार नहीं देती है। फैसले का हिस्सा पढ़ते हुए जस्टिस खन्ना ने कहा, ‘हमने एक अन्य मुद्दा उठाया है जो गिरफ्तारी की आवश्यकता से संबंधित है। हमें लगा कि क्या गिरफ्तारी की आवश्यकता का आधार पीएमएलए की धारा 19 में पढ़ा जाना चाहिए। उन सवालों को बड़ी पीठ को भेजा गया है।’

जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने उनकी वर्तमान कैद को देखते हुए मामले को बड़ी पीठ के पास भेजने का निर्णय लिया। पीठ ने स्पष्ट किया कि अंतरिम जमानत के प्रश्न को बड़ी पीठ द्वारा संशोधित किया जा सकता है।

जस्टिस खन्ना ने कहा कि ईडी के विश्वास करने के कारणों पर हमारे निष्कर्षों के अनुसार अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी जानी चाहिए। जस्टिस खन्ना ने कहा कि जीवन का अधिकार पवित्र है। अरविंद केजरीवाल को 90 दिनों की जेल में नुकसान उठाना पड़ा है। हम चाहते हैं कि अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाए।

पीठ ने कहा कि हम अरविंद केजरीवाल को दिल्ली का मुख्यमंत्री और निर्वाचित नेता मानते हैं। यह एक प्रभावशाली पद है। हम उन्हें पद छोड़ने का कोई आदेश नहीं दे रहे हैं क्योंकि हमें संदेह है कि कोई अदालत किसी निर्वाचित नेता को पद छोड़ने या मुख्यमंत्री या मंत्री के रूप में काम नहीं करने का निर्देश दे सकती है। हम अरविंद केजरीवाल पर इसका फैसला छोड़ते हैं। यदि उचित समझा जाए तो बड़ी पीठ ऐसे मामलों में आवश्यक शर्तें और सवाल बना सकती है।

न्यायालय ने कहा कि फैसले में की गई टिप्पणियों को आरोपों के गुण-दोष के आधार पर निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। नियमित जमानत के लिए आवेदन करने का निर्णय उसके गुण-दोष पर निर्भर करता है। 17 मई 2024 को, जस्टिस संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की पीठ ने मामले में फैसला सुरक्षित रखने के बाद फैसला सुनाया।

हालांकि, अरविंद केजरीवाल अभी हिरासत में ही रहेंगे, क्योंकि उन्हें 25 जून को उसी शराब नीति मामले के संबंध में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया गया था।

Related Articles

Back to top button