Mohini Ekadashi Vrat Parana Time: मोहिनी एकादशी व्रत का पारण कब किया जाता है? जानें सही समय और पूरी प्रक्रिया का महत्व

Mohini Ekadashi Vrat Parana Time: हिंदू धर्म में मोहिनी एकादशी बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन लोग माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और पूरे दिन व्रत रहते हैं। विधि-विधान से व्रत पारण करने के बाद ही व्रत पूरा मान जाता है।
Mohini Ekadashi Vrat Parana Time: मोहिनी एकादशी पर भगवान विष्णु का मोहिनी स्वरूप पूजा जाता है। यह व्रत प्रत्येक वर्ष वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। इस व्रत को करने से मोक्ष की प्राप्ति और पापों का नाश होता है, ऐसा माना जाता है। कहते हैं कि व्रत का फल प्राप्त करने के लिए पूरे नियमों से व्रत और लक्ष्मी नारायण की पूजा करने के साथ-साथ व्रत का शुभ मुहूर्त और विधि-विधान से पारण करना चाहिए।
मोहिनी एकादशी व्रत करने का सही समय
पंचांग के अनुसार, मोहिनी एकादशी व्रत द्वादशी तिथि, 9 मई 2025 को पारण किया जाएगा। सुबह पारण का शुभ मुहूर्त 5 बजे 34 मिनट से 8 बजे 16 मिनट तक रहेगा।
मोहिनी एकादशी व्रत की पूजाविधि
एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि को सूर्योदय के बाद होता है। इस दिन पारण करने के लिए सुबह उठकर स्नान करके सूर्य देव को जल चढ़ाएं। इसके बाद गणेश की पूजा करें। फिर विधिपूर्वक माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करें। इसके बाद, सबसे पहले मुंह में तुलसी का पत्ता रखकर एकादशी व्रत का पारण करें। इसके बाद सात्विक भोजन लें।
मोहिनी एकादशी पूजा मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि । तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
ॐ विष्णवे नम:
मोहिनी एकादशी व्रत का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मोहिनी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को मोह के सभी बंधनों से भी छुटकारा मिलता है। इसका अर्थ है कि यह व्रत आत्मा को शुद्ध करता है और मोह-माया से छुटकारा दिलाता है। यह व्रत भी घर में सुख, समृद्धि, वैभव, सौभाग्य और धन लाता है। इसके अलावा यह व्रत घर और जीवन से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है. शास्त्रों के अनुसार, मोहिनी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है।



