राज्यदिल्ली

Raghav Chadha ने संसद में कहा “जन्म से पहले, मौत के बाद आदमी टैक्स भरने के लिए मजबूर”

संसद में AAP सांसद Raghav Chadha ने टैक्स के बढ़ते बोझ पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जन्म से पहले और मृत्यु के बाद तक भारतीय नागरिकों को टैक्स चुकाना पड़ता है।

संसद में आम आदमी पार्टी के सांसद Raghav Chadha ने देश पर बढ़ते टैक्सों का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि हर भारतीय सिर्फ जन्म से पहले और मरने के बाद टैक्स देने के लिए मजबूर है।

Raghav Chadha ने कहा कि टैक्स का बोझ इंसान के जन्म से पहले ही शुरू हो जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा:

• बच्चा पैदा होने पर मिठाई बांटे तो उस पर 28% GST लगता है।

• बच्चे के बचपन में भी टैक्स लागू होता है— 12% जीएसटी, स्कूल बैग, जूते, किताबें, पेंसिल और टॉयज पर कर लगता है!

टैक्स से कोई बच नहीं सकता, चाहे युवा हो या बुजुर्ग!’

उन्होंने कहा कि अगर कोई युवा 18 साल का होता है और अपनी पहली बाइक खरीदता है, तो उसे रोड टैक्स, GST, इंश्योरेंस टैक्स और फिर हर यात्रा पर टोल टैक्स देना होगा।

• घर बनाने पर टैक्स! भूमि खरीदते समय स्टैंप ड्यूटी, सामग्री पर जीएसटी, बनाने पर जीएसटी और बेचने पर जीएसटी लागू होते हैं।

• रिटायरमेंट के बाद भी कोई राहत नहीं दी जाती GST भी बुजुर्गों की पेंशन, चिकित्सा और दवाओं पर लगता है।

80 करोड़ लोगों को फ्री राशन मिलता है, लेकिन हर चीज पर टैक्स लगता है!’

सरकार पर तंज कसते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि 80 करोड़ लोग देश में सरकारी राशन पर निर्भर हैं, लेकिन टैक्स का बोझ कम नहीं हो रहा। उनका कहना था कि गरीब अफ्रीकी देशों को समान सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन भारत के नागरिक टैक्स विकसित देशों की तरह भरते हैं।

• खाद्य पदार्थों पर भी टैक्स लगाए जाते हैं, साथ ही बिजली, डीजल और पेट्रोल पर भी!

• FMCG उत्पादों की बिक्री घटी, वाहनों की बिक्री घटी— टैक्स ने अर्थव्यवस्था को घेर लिया है।

जनता टैक्स देती है, लेकिन वादे ही मिलते हैं!’

सांसद चड्ढा ने कहा कि सरकार जनता से तो हर चीज़ पर टैक्स वसूलती है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर सिर्फ खोखले वादे देती है। उन्होंने मांग की कि सरकार को टैक्स सिस्टम में सुधार करना चाहिए, ताकि आम आदमी को राहत मिले और देश की अर्थव्यवस्था को गति मिले।

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