UP News: यूपी के सभी 75 जिलों को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने बड़ा निर्णय लिया, अधिकारियों को कड़े आदेश

UP News: CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों को कम से कम 2 से 3 योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलना चाहिए, जो समावेशी विकास की भावना को केंद्र में रखते हैं।
UP News: लोक निर्माण विभाग की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन और आगामी रणनीति के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ राज्य के सभी जिलाधिकारीगण, विभिन्न विधानसभाओं के जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागीय अधिकारी इस बैठक में ऑनलाइन उपस्थित हुए।
मुख्यमंत्री ने इस बैठक की शुरुआत में स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य के सभी 75 जिलों से 30 जून तक प्रस्तावों को लोक निर्माण विभाग की महत्वपूर्ण 18 योजनाओं के लिए जमा करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मिलकर, समय सीमा के भीतर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार प्रस्ताव बनाकर भेजें। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का लाभ राजनीतिक क्षेत्रफल नहीं, बल्कि स्थानीय आवश्यकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने समावेशी विकास की भावना को ध्यान में रखते हुए कहा कि सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों को कम से कम दो या अधिक योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से विकास कार्यों का भूमि पूजन या शिलान्यास किया जाए, ताकि जनता को विकास में भागीदारी की भावना बढ़ाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने आर्थिक सशक्तिकरण को धार्मिक पर्यटन से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण दिशानिर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के शीर्ष 50 धार्मिक स्थानों को हर वर्ष उनकी ऐतिहासिकता, महत्व और श्रद्धालुओं की संख्या के आधार पर चुना जाएगा, और इन स्थलों को जोड़ने वाले मार्गों के निर्माण और सुधार को प्राथमिकता दी जाएगी। उनका कहना था कि धार्मिक स्थानों की बेहतर कनेक्टिविटी सांस्कृतिक अनुभव को बढ़ाती है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाती है।
मुख्यमंत्री ने राज्य की सड़कों को एकीकृत रूप से देखने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि पूर्वांचल, आगरा, यमुना, बुंदेलखंड और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे ने पूर्व-पश्चिम की कनेक्टिविटी को नया आयाम दिया है। अब समय आ गया है कि दक्षिण और उत्तर राज्यों को भी एकजुट करने वाली एक व्यवस्था बनाई जाए. ऐसा करने से राज्य की आंतरिक समरसता और गतिविधि को नई दिशा मिलेगी।
किसी भी रास्ते पर गड्ढे नहीं दिखने चाहिए
साथ ही, उन्होंने सड़कों की गुणवत्ता, मरम्मत और सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि राज्य में किसी भी सड़क पर गड्ढे नहीं दिखने चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण ओवरस्पीडिंग और टूटी हुई सड़कें हैं, इसलिए सभी डार्क स्थानों को चिह्नित करें और आवश्यकतानुसार टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर बनाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलभराव अक्सर लघु सेतुओं और सड़कों को क्षतिग्रस्त करता है, इसलिए बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष योजनाओं की आवश्यकता है। ऐसे में, पूर्वानुमान के आधार पर पहले से ही प्रस्ताव बनाकर भेजे जाएं, ताकि बरसात कम होते ही काम शुरू हो सके।
सप्ताह में काम की प्रगति की समीक्षा करें
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नामित करें, जो साप्ताहिक रूप से काम की प्रगति की समीक्षा करें, ताकि काम की समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, उन्होंने जनप्रतिनिधियों को मासिक और द्वैमासिक समीक्षा बैठकों में उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संदेहपूर्ण या दागी ठेकेदारों को पहचाना जाए और आवश्यकतानुसार जांच की जाए। उनका कहना था कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जनसहभागिता से ही विकास टिकाऊ और जनविश्वास पर आधारित हो सकता है।
लोक निर्माण विभाग की प्रमुख 18 परियोजनाएं
लोक निर्माण विभाग की 18 महत्वपूर्ण योजनाओं में ब्लॉक और तहसील मुख्यालय, प्रमुख और अन्य जिला मार्ग, स्टेट हाईवे, धर्मार्थ मार्ग, औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स पार्क के लिए मार्गों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण; शहरी बाईपास, रिंग रोड, फ्लाईओवर का निर्माण; अंतरराज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पड़ने वाले मार्गों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण, केंद्रीय मार्ग और अवसंरचना निधि सेतु बंधन, रेल ऊपरिगामी /अधोगामी सेतु, दीर्घ /लघु सेतु का निर्माण, चीनी मिल परिक्षेत्र में कृषि विपणन सुविधाओं हेतु मार्गों का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, सड़क सुरक्षा, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क /अनजुड़ी बसावट योजनांतर्गत ग्रामीण मार्गों का नवनिर्माण तथा नॉर्थ साउथ कॉरिडोर के कार्य शामिल हैं.



