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Tata Capital आईपीओ के लिए आगे बढ़ा कदम, सेबी ने गोपनीय ड्राफ्ट पेपर को दी मंजूरी

Tata Capital ने सेबी से आईपीओ ड्राफ्ट पेपर की मंजूरी पाई है। कंपनी जल्द 17,200 करोड़ रुपये के आईपीओ के साथ भारतीय बाजार में उतरेगी। जानिए टाटा कैपिटल के वित्तीय आंकड़े और लिस्टिंग से जुड़ी अहम जानकारी।

भारतीय बाजार में टाटा संस की सहायक कंपनी Tata Capital जल्द ही अपना आईपीओ (आरंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव) लॉन्च करने जा रही है। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने टाटा कैपिटल के गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) के गोपनीय ड्राफ्ट पेपर को मंजूरी दे दी है। यह ड्राफ्ट पेपर गोपनीय रूट के माध्यम से दायर किए गए थे, जो टाटा कैपिटल के आईपीओ लॉन्च के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

17,200 करोड़ रुपये का आईपीओ

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Tata Capital करीब 17,200 करोड़ रुपये के आईपीओ को लेकर तैयार है। सेबी की मंजूरी मिलने के बाद कंपनी अब एक बार फिर अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर दाखिल करेगी। इसके बाद आईपीओ लॉन्चिंग से पहले टाटा कैपिटल रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल करेगी। सूत्रों के अनुसार, कंपनी जुलाई के पहले सप्ताह में RHP फाइल कर सकती है।

टाटा संस की हिस्सेदारी और कंपनी के वित्तीय आंकड़े|Tata Capital

टाटा संस के पास टाटा कैपिटल में लगभग 93% इक्विटी हिस्सेदारी है। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो मार्च तिमाही में Tata Capital का प्रॉफिट 31% बढ़कर ₹1,000 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह ₹765 करोड़ था। परिचालन राजस्व भी ₹4,998 करोड़ से बढ़कर ₹7,478 करोड़ हो गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी ने ₹3,655 करोड़ का लाभ कमाया, जो पिछले वर्ष ₹3,327 करोड़ था। कुल राजस्व ₹18,175 करोड़ से बढ़कर ₹28,313 करोड़ हो गया।

रिजर्व बैंक के नियमों के तहत जरूरी लिस्टिंग

भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, टाटा संस और Tata Capital को अपर लेयर की एनबीएफसी माना जाता है। इस वर्गीकरण के तहत कंपनियों को तीन वर्षों के भीतर सूचीबद्ध होना अनिवार्य है। इसलिए, टाटा कैपिटल को सितंबर 2025 तक अपने आईपीओ के माध्यम से लिस्टिंग पूरी करनी होगी।

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