पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने अलवर जिले के पेयजल प्रबंधन की समीक्षा बैठक ली

पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव: ग्रीष्म ऋतु में सुचारू पेयजल आपूर्ति हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री तथा अलवर जिले के सांसद श्री भूपेन्द्र यादव और पर्यावरण एवं वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा ने मंगलवार को अलवर जिले के मिनी सचिवालय सभागार में पेयजल प्रबंधन की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि जिले के लोगों को सुचारू पेयजल आपूर्ति के साथ सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु प्रो-एक्टिव रहकर टीम भावना के साथ कार्य करें।

केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने अलवर शहर में आगामी ग्रीष्म ऋतु की पेयजल आपूर्ति के लिए तैयार किए गए तत्कालीन एवं दीर्घकालीन प्रकृति की कार्य योजना की समीक्षा की. उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च माह में 69 अतिरिक्त ट्यूबवेल को चालू करना चाहिए और 109 चिन्हित ट्यूबवेल को जल्दी ही गहरा करना चाहिए, ताकि पेयजल उपलब्धता में वृद्धि हो सके।

प्रभावी निगरानी पर बल दिया-

भूपेन्द्र यादव ने निर्देश दिए कि अलवर जिले में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम को वार रूम की तरह चलाया जाए। आने वाली शिकायतों और उनके समाधान का एक रिकॉर्ड बनाया जाना चाहिए। पेयजल की समस्या को हल करने के लिए नवीनतम तकनीक का भी उपयोग करें, जैसे कि “अतुल्य अलवर” पोर्टल और वाट्सएप नंबर सहित। जीपीएस द्वारा पेयजल टैंकर को नियंत्रित करें।

अवैध कनेक्शन पर कार्रवाई करें और खराब उपकरण 24 घण्टे में दुरूस्त करें-

ग्रीष्म ऋतु में पेयजल उपकरण खराब होने पर 24 घंटे में उन्हें फिर से चालू करने के लिए उन्होंने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राइजिंग मैन लाइन में अवैध कनेक्शनों को हटाकर सभी उपभोक्ताओं को सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करें।

पेयजल घोषणाओं और भूमि जल रिचार्ज की कि समीक्षा-

केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने सिलीसेढ झील के पास ट्यूबवेल से अलवर शहर में पेयजल की आपूर्ति, नटनी का बारा के पास ट्यूबवेल से पेयजल की आपूर्ति, भाखेडा बांध सहित रामसेतु (संशोधित ईआरसीपी) तथा भूमि जल रिचार्ज के विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि निविदा प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूरा कराकर कार्यों को प्रारंभ उनका कहना था कि रामसेतु योजना तेजी से जिले की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान देगी।

वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा ने अलवर शहर को ग्रीष्म ऋतु में पेयजल प्रबंधन के लिए राज्य सरकार से स्वीकृत किए गए ट्यूबवेल और विधायक कोष से स्वीकृत किए गए ट्यूबवेल को तुरंत शुरू करने के साथ ही खराब मोटरों को 24 घंटे में बदलने के लिए निर्देश दिए।

अलवर जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने पीपीटी के माध्यम से पेयजल प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की जानकारी दी।

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